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Home Religion Dhanteras Ki Katha in Hindi: धनतेरस के दिन जरूर करें इस कथा का पाठ, दूर होगी आर्थिक तंगी

Dhanteras Ki Katha in Hindi: धनतेरस के दिन जरूर करें इस कथा का पाठ, दूर होगी आर्थिक तंगी

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Dhanteras Ki Katha in Hindi: धनतेरस के दिन जरूर करें इस कथा का पाठ,  दूर होगी आर्थिक तंगी
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Dhanteras Ki Katha in Hindi: धनतेरस भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है. इसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है. यह त्योहार हर साल कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान धनवंतरि और मां लक्ष्मी की पूजा करने और उनकी कथा सुनने से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है.

धनतेरस की कहानी (Dhanteras Ki Kahani)

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया था, तब कार्तिक महीने की त्रयोदशी तिथि को भगवान धनवंतरि प्रकट हुए थे. वे अपने हाथों में अमृत से भरा पीतल का कलश लेकर आए थे. इसी कारण इस दिन को भगवान धनवंतरि के जन्मदिन के रूप में धनतेरस के तौर पर मनाया जाता है.

हिंदू धर्म में भगवान धनवंतरि को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है. उन्हें आयुर्वेद और चिकित्सा के देवता भी कहा जाता है. कहा जाता है कि भगवान धनवंतरि के प्रकट होने के दो दिन बाद मां लक्ष्मी समुद्र मंथन से प्रकट हुई थीं. इसलिए दीवाली से दो दिन पहले धनतेरस मनाने की परंपरा है.

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साल 2025 में धनतेरस के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?

साल 2025 में धनतेरस के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 18 अक्टूबर की शाम 7 बजकर 16 मिनट पर शुरू होगा और 8 बजकर 20 मिनट पर समाप्त होगा.

धनतेरस के दिन किन-किन देवताओं की आराधना की जाती है?

धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी, भगवान धनवंतरि और मृत्यु के देवता यमराज की पूजा की जाती है.

धनतेरस के दिन क्या नहीं करना चाहिए?

धनतेरस के दिन गुस्सा, अपशब्दों का प्रयोग और तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए.

धनतेरस के दिन किन चीजों को नहीं खरीदना चाहिए?

इस दिन प्लास्टिक और कांच के बर्तन नहीं खरीदने चाहिए.

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे धर्म, ज्योतिष, राशिफल, व्रत-त्योहार, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं. उनकी विशेष रुचि धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय विश्लेषण और दैनिक राशिफल को सरल, सटीक और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने में है. नेहा का उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धर्म, संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों को आसानी से समझ सकें. उनकी लेखन शैली शोध-आधारित, सरल और स्पष्ट है, जो जटिल विषयों को भी सहज और रोचक बना देती है. वे राशिफल, ग्रह-गोचर, व्रत-त्योहार, धार्मिक मान्यताओं, वास्तु, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय रीति-रिवाजों से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखती हैं. डिजिटल पत्रकारिता में उनकी रुचि पाठकों की जरूरतों को समझते हुए जानकारीपूर्ण, SEO-अनुकूल और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में है.
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