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साल का पहला चंद्रग्रहण समाप्त, 144 साल बाद होली पर बना ये संयोग

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साल का पहला चंद्रग्रहण समाप्त, 144 साल बाद होली पर बना ये संयोग
साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण शुरू

Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण समाप्त हो चुका है. यह ग्रहण भारत में भी दिखाई दिया, इसलिए इसका सूतक काल मान्य माना गया है. चंद्र ग्रहण खगोलीय और धार्मिक दोनों दृष्टियों से विशेष महत्व रखता है. एक ओर जहां देशभर में होली की तैयारियां चल रही हैं और कल रंगों की होली खेली जाएगी, वहीं दूसरी ओर आज चंद्र ग्रहण का प्रभाव देखा जा रहा था. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण काल में भगवान का जप, तप और ध्यान करना शुभ माना जाता है. ग्रहण समाप्त होने के बाद दान करने की भी परंपरा है, जिससे ग्रहण का दोष दूर होता है.

सूतक काल क्या है और कब से शुरू हुआ?

चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो चुका था. चूंकि यह ग्रहण भारत के कई बड़े शहरों में दिखाई देगा, इसलिए सूतक पूरी तरह मान्य थै. शास्त्रों के अनुसार, सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ नहीं किया जाता और मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं.

इस समय गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि ग्रहण के दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए और भगवान का स्मरण करना चाहिए.

चंद्र ग्रहण का समय

इस चंद्र ग्रहण की शुरुआत 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर हुई. ग्रहण की समाप्ति शाम 6 बजकर 47 मिनट पर हुई. इस दौरान चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया का प्रभाव दिखाई दिया.

कब और कैसे लगता है चंद्र ग्रहण?

चंद्र ग्रहण तब होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं. इस स्थिति में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है. यह घटना केवल पूर्णिमा की रात को ही संभव होती है. जब चंद्रमा पूरी तरह या आंशिक रूप से पृथ्वी की छाया में आता है, तब चंद्र ग्रहण दिखाई देता है.

144 साल बाद होली पर चंद्र ग्रहण

इस बार होली के दिन चंद्र ग्रहण लगना खास माना जा रहा है. कहा जा रहा है कि 144 वर्षों बाद ऐसा संयोग बना है. अयोध्या में 3 मार्च को सुबह 9 बजे तक ही रामलला के दर्शन होंगे. सुबह 9 बजकर 19 मिनट पर सूतक लगने के कारण मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे. रात 8 बजकर 30 मिनट पर मोक्ष काल के बाद फिर से दर्शन शुरू होंगे.

खंडग्रास चंद्र ग्रहण क्या होता है?

इस बार लगने वाला ग्रहण खंडग्रास चंद्र ग्रहण है. इसका मतलब है कि चंद्रमा का केवल कुछ हिस्सा ही पृथ्वी की छाया से ढका होगा. पूरा चंद्रमा ग्रहणग्रस्त नहीं होगा.

किन-किन देशों में दिखेगा ग्रहण?

यह चंद्र ग्रहण भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, पूर्वी यूरोप, एशिया, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर और हिंद महासागर क्षेत्रों में भी दिखाई देगा. ताइवान, फिलीपींस, वियतनाम, पेरू, कनाडा, अमेरिका, इंडोनेशिया, हांगकांग, कोरिया, जापान, थाईलैंड, क्यूबा और चीन सहित कई देशों में इसे देखा जा सकेगा.

ये भी पढ़ें: आज चंद्रग्रहण, जानिए कब खुलेंगे मंदिरों के द्वार

चंद्र ग्रहण के प्रकार

चंद्र ग्रहण तीन प्रकार का होता है—

  • पूर्ण चंद्र ग्रहण: जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की गहरी छाया में आ जाता है.
  • आंशिक चंद्र ग्रहण: जब चंद्रमा का केवल कुछ हिस्सा छाया में आता है.
  • उपच्छाया चंद्र ग्रहण: जब चंद्रमा पृथ्वी की हल्की छाया से गुजरता है और हल्का धुंधला दिखाई देता है.

इस प्रकार साल का पहला चंद्र ग्रहण धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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