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Chandra Grahan 2025: गृहस्थों के लिए ग्रहण काल में उपवास का नियम

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Chandra Grahan 2025: गृहस्थों के लिए ग्रहण काल में उपवास का नियम
गृहस्थों के लिए चंद्रग्रहण के दौरान के नियम

सलिल पाण्डेय, मिर्जापुर

Chandra Grahan 2025: शास्त्रों में ग्रहण काल को विशेष और संवेदनशील समय माना गया है. सामान्यतः गृहस्थ लोगों के लिए ग्रहण के दिन व्रत या उपवास का निषेध बताया गया है. यदि कोई व्यक्ति व्रत रखना ही चाहे, तो उसे ग्रहण लगने से तीन दिन पूर्व से ही व्रत करना चाहिए. इससे ग्रहण काल में होने वाले दोषों का प्रभाव कम हो जाता है.

भाद्रपद पूर्णिमा का चंद्रग्रहण: समय और अवधि

इस बार का चंद्रग्रहण भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि को पड़ रहा है. ग्रहण का प्रारंभ रात्रि 9:57 बजे, मध्य रात्रि 11:49 बजे और मोक्ष रात्रि 1:27 बजे होगा.

भोजन और पेय पर नियम: कब से करना चाहिए परहेज

शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के प्रभावी होने से लगभग 9 घंटे पहले से भोजन और पेय पदार्थ ग्रहण करने पर रोक होती है. हालांकि आवश्यकता पड़ने पर गंगाजल पीने की अनुमति दी गई है, क्योंकि इसे पवित्र और दोषहर माना गया है.

खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के उपाय

ग्रहण काल में घर में रखी खाद्य सामग्री को सुरक्षित रखने के लिए उसमें कुशा, तुलसी पत्र या तिल डालने की परंपरा है. ऐसा करने से माना जाता है कि ग्रहण की नकारात्मक तरंगों का असर उन पर नहीं होता और वे दूषित नहीं मानी जातीं.

Chandra Grahan 2025: मानव शरीर और ब्रह्मांड, चंद्रग्रहण का गहरा संबंध 

गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सावधानियां

विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल में सावधानी बरतनी चाहिए. शास्त्रों में सुझाव दिया गया है कि गर्भवती स्त्रियां ग्रहण के स्पर्श से लेकर मोक्ष काल तक अपनी नाभि पर गाय का गोबर लगाएं या गोद में नारियल रखकर बैठें. इससे गर्भस्थ शिशु पर ग्रहण की प्रतिकूल ऊर्जा का असर नहीं पड़ता.

गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष सावधानियां

संक्षेप में, चंद्रग्रहण केवल खगोलीय घटना नहीं है, बल्कि भारतीय परंपरा में इसे धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना गया है. इसलिए ग्रहण के दौरान आचरण, आहार और सावधानियों का पालन करना आवश्यक है ताकि जीवन और स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का विपरीत प्रभाव न पड़े.

आज लगने जा रहा है साल का दूसरा चंद्रग्रहण

आज 7 सितंबर 2025 को साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण लगेगा, जो भारत में भी दिखाई देगा.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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