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Home Religion आज चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है, मां चंद्रघंटा की इस व्रत कथा का पाठ करें, वरना अधूरी रह जाएगी पूजा

आज चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है, मां चंद्रघंटा की इस व्रत कथा का पाठ करें, वरना अधूरी रह जाएगी पूजा

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आज चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है, मां चंद्रघंटा की इस व्रत कथा का पाठ करें, वरना अधूरी रह जाएगी पूजा
मां चंद्रघंटा (एआई-निर्मित तस्वीर)

Chaitra Navratri 2026: हर साल चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. 21 मार्च 2026, शनिवार को नवरात्रि का तीसरा दिन है. यह दिन शक्ति के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा को समर्पित है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा की पूजा करने से साहस और आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है. माता की आराधना के समय व्रत कथा का पाठ करना आवश्यक माना जाता है. व्रत कथा के बिना मां की पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है. यहां पढ़ें मां चंद्रघंटा की व्रत कथा.

मां चंद्रघंटा की पौराणिक व्रत कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब राक्षसों का स्वामी महिषासुर बहुत शक्तिशाली हो गया और उसने देवताओं को पराजित कर स्वर्ग पर अधिकार कर लिया, तब सभी देवता त्रस्त होकर ब्रह्मा, विष्णु और महेश के पास पहुंचे. देवताओं की करुण पुकार सुनकर तीनों देवों के क्रोध से एक दिव्य ऊर्जा उत्पन्न हुई, जिससे देवी दुर्गा का प्राकट्य हुआ.

भगवान शिव ने उन्हें अपना त्रिशूल, विष्णु जी ने चक्र और इंद्र ने अपना घंटा भेंट किया. जब देवी महिषासुर का वध करने के लिए युद्ध के मैदान में उतरीं, तो उनके घंटे की भीषण ध्वनि से असुरों का मनोबल टूट गया. मां चंद्रघंटा ने महिषासुर के साथ भीषण युद्ध किया और अंततः उसका वध कर देवताओं को भयमुक्त किया.

मां चंद्रघंटा के मंत्र

पिण्डज प्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यम् चन्द्रघण्टेति विश्रुता॥

देवी सर्वभू‍तेषु मां चन्द्रघण्टा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

वन्दे वांछित लाभाय चन्द्रार्धकृत शेखरम्।
सिंहारूढा चंद्रघंटा यशस्वनीम्॥

मणिपुर स्थितां तृतीय दुर्गा त्रिनेत्राम्।
खंग, गदा, त्रिशूल,चापशर,पदम कमण्डलु माला वराभीतकराम्॥

पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या नानालंकार भूषिताम्।
मंजीर हार केयूर,किंकिणि, रत्नकुण्डल मण्डिताम॥

प्रफुल्ल वंदना बिबाधारा कांत कपोलां तुगं कुचाम्। 
कमनीयां लावाण्यां क्षीणकटि नितम्बनीम्॥

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे धर्म, ज्योतिष, राशिफल, व्रत-त्योहार, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं. उनकी विशेष रुचि धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय विश्लेषण और दैनिक राशिफल को सरल, सटीक और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने में है. नेहा का उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धर्म, संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों को आसानी से समझ सकें. उनकी लेखन शैली शोध-आधारित, सरल और स्पष्ट है, जो जटिल विषयों को भी सहज और रोचक बना देती है. वे राशिफल, ग्रह-गोचर, व्रत-त्योहार, धार्मिक मान्यताओं, वास्तु, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय रीति-रिवाजों से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखती हैं. डिजिटल पत्रकारिता में उनकी रुचि पाठकों की जरूरतों को समझते हुए जानकारीपूर्ण, SEO-अनुकूल और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में है.
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