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Home Religion शीतला सप्तमी पर करें जरूर सुनें ये कथा

शीतला सप्तमी पर करें जरूर सुनें ये कथा

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शीतला सप्तमी पर करें जरूर सुनें ये कथा
चैत्र अमावस्या 2026

Chaitra Amavasya 2026:  हिंदू धर्म में चैत्र अमावस्या को बहुत महत्वपूर्ण तिथि माना जाता है. यह दिन खासतौर पर पितरों की शांति, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए शुभ माना जाता है. इस दिन श्रद्धालु पवित्र नदी या घर पर स्नान करके पूजा-पाठ करते हैं और अपने पूर्वजों को याद करते हैं.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या के दिन किए गए दान और तर्पण से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. साथ ही परिवार पर उनकी कृपा भी बनी रहती है. इसलिए इस दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी माना जाता है.

चैत्र अमावस्या 2026 की तिथि और समय

पंचांग के अनुसार चैत्र अमावस्या की शुरुआत 18 मार्च 2026 को सुबह 08:25 बजे होगी. इसका समापन 19 मार्च 2026 को सुबह 06:52 बजे होगा.

शास्त्रों के अनुसार स्नान, दान और पितरों का तर्पण जैसे शुभ कार्य 19 मार्च को करना अधिक फलदायी माना गया है.

तामसिक भोजन से दूर रहें

चैत्र अमावस्या के दिन मांस, मछली, शराब और अन्य तामसिक भोजन से बचना चाहिए. इस दिन सात्विक भोजन करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से मन शांत रहता है और पूजा-पाठ का पूरा फल प्राप्त होता है.

घर में झगड़ा या विवाद न करें

अमावस्या के दिन घर में शांति और सकारात्मक माहौल बनाए रखना चाहिए. किसी से विवाद करना या कटु शब्द बोलना अच्छा नहीं माना जाता. माना जाता है कि इस दिन नकारात्मक ऊर्जा अधिक प्रभावी हो सकती है.

पितरों का सम्मान करना जरूरी

चैत्र अमावस्या पितरों को समर्पित मानी जाती है. इसलिए इस दिन पितरों का तर्पण करना, उनके नाम से दान देना और उन्हें श्रद्धा से याद करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से पितरों की कृपा परिवार पर बनी रहती है.

देर तक सोने से बचें

अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और भगवान का ध्यान करना शुभ माना जाता है. देर तक सोने की बजाय सुबह पूजा-पाठ और ध्यान करने से आध्यात्मिक लाभ मिलता है.

दान-पुण्य का विशेष महत्व

चैत्र अमावस्या पर जरूरतमंद लोगों को भोजन, कपड़े या धन का दान करना बहुत पुण्यदायी माना जाता है. इससे पितरों की कृपा मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है.

इस तरह चैत्र अमावस्या के दिन इन नियमों का पालन करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति मिलती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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