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Home Religion Bridal Lehenga: किराए का लहंगा बना सकता है शादी पर ग्रहण, बिगड़ सकती है वैवाहिक खुशियां

Bridal Lehenga: किराए का लहंगा बना सकता है शादी पर ग्रहण, बिगड़ सकती है वैवाहिक खुशियां

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Bridal Lehenga: किराए का लहंगा बना सकता है शादी पर ग्रहण, बिगड़ सकती है वैवाहिक खुशियां
शादी में इसलिए ना पहनें किराए का लहंगा

Bridal Lehenga: शादी हर लड़की के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है. यह सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि एक पवित्र संस्कार है, जिसमें भावनाएं, परंपराएं और आध्यात्मिक ऊर्जा गहराई से जुड़ी होती हैं. अक्सर बजट बचाने या आकर्षक विकल्प मिलने के कारण कुछ लोग किराए का लहंगा पहनने का विचार करते हैं, ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा ने कहा कि धर्म और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यह शुभ नहीं माना गया है.

शादी का वस्त्र—सिर्फ कपड़ा नहीं, शुभ ऊर्जा का प्रतीक

हिंदू धर्म में शादी के वस्त्रों को अत्यंत पवित्र माना जाता है. यह सिर्फ पहनावे का हिस्सा नहीं, बल्कि एक प्रकार की आध्यात्मिक आवरण की तरह होते हैं. माना जाता है कि दुल्हन का लहंगा उसके जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक है, इसलिए यह वस्त्र उसका अपना, नया और पूरी तरह उसकी ऊर्जा से जुड़ा होना चाहिए.

किराए के लहंगे में क्यों मानी जाती है बाधा?

पारंपरिक मान्यता कहती है कि जिस वस्त्र को कई लोगों ने पहनकर विवाह किया हो, उस पर उनकी भावनाएँ, परिस्थितियां और ऊर्जा का प्रभाव रहता है. शादी जैसे पवित्र संस्कार में ऐसी ऊर्जा मिश्रित वस्त्र पहनना उचित नहीं माना जाता. दुल्हन के लिए नया लहंगा सौभाग्य, समृद्धि और शुभ फल का प्रतीक माना गया है.

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आर्थिक मजबूरी हो तो क्या करें?

यदि बजट कम है, तो भी विशेषज्ञ यही सलाह देते हैं कि नया लेकिन सादा लहंगा ही चुना जाए. आजकल कम कीमत में भी सुंदर और पारंपरिक लहंगे उपलब्ध हैं. महत्वपूर्ण वस्त्र के रूप में यह निवेश अधिक शुभ माना जाता है.

भावनात्मक महत्व भी कम नहीं

विवाह का लहंगा अक्सर जिंदगी भर एक यादगार धरोहर बन जाता है. अपना लहंगा पहनने का सुख और उससे जुड़ी यादें किराए के वस्त्रों से कभी नहीं मिल सकतीं.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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