[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion ब्रज में रंगों के साथ गूंज रहे ‘राधे-राधे’ और ‘श्याम’ के जयकारे

ब्रज में रंगों के साथ गूंज रहे ‘राधे-राधे’ और ‘श्याम’ के जयकारे

0
ब्रज में रंगों के साथ गूंज रहे ‘राधे-राधे’ और ‘श्याम’ के जयकारे
ऐसे मनाईजाएगी ब्रज की होली

Braj Ki Holi 2026: देश के बाकी हिस्सों से पहले ही ब्रज में होली की धूम शुरू हो गई है. मथुरा, वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गोकुल, महावन और बलदेव सहित पूरे ब्रज क्षेत्र में रंग और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. गलियों, मंदिरों और घाटों पर “राधे-राधे” और “श्याम” के जयकारे गूंज रहे हैं. स्थानीय लोगों के साथ-साथ विदेशों से आए श्रद्धालु भी इस उत्सव में शामिल हो रहे हैं. ढप और मृदंग की थाप पर लोग नाच-गा रहे हैं और पूरा माहौल भक्तिमय बना हुआ है.

टेसू के रंगों से सजी होली

ब्रज की होली की खास पहचान है टेसू के फूलों से बने प्राकृतिक रंग. इन रंगों से पूरा वातावरण केसरिया आभा से भर गया है. द्वारकाधीश मंदिर में मंगलवार से होलिकाष्टक शुरू होते ही उत्सव और भी खास हो गया. सुबह ठाकुरजी को यमुना तट पर विराजमान किया गया और परंपरा के अनुसार भक्तों के साथ होली खेली गई. स्वर्ण और रजत पिचकारियों से टेसू के रंग बरसाए गए. मंदिर परिसर “ठाकुरजी की जय” के नारों से गूंज उठा.

लठमार होली का आयोजन

27 फरवरी को रंगभरनी एकादशी के अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि स्थित केशव वाटिका में लठमार होली महोत्सव आयोजित होगा. यह कार्यक्रम शाम चार बजे से शुरू होगा. इसमें ब्रज के प्रसिद्ध फाग गायक और पारंपरिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे. इसी के साथ बांके बिहारी मंदिर सहित वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में भी टेसू के रंगों से होली की शुरुआत हो जाएगी. लठमार होली में महिलाएं प्रतीकात्मक रूप से पुरुषों पर लाठियां बरसाती हैं और पुरुष ढाल से बचाव करते हैं. यह परंपरा राधा-कृष्ण की लीलाओं से जुड़ी मानी जाती है.

सुरक्षा और व्यवस्थाएं

होली के मौके पर लाखों श्रद्धालु ब्रज पहुंचते हैं. इसे देखते हुए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं. शहर में वाहनों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगाई गई है. नकली रंग और गुलाल की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है. सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन मिल सके और उत्सव शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जा सके.

ये भी पढ़ें: होलिका दहन और चंद्रग्रहण को लेकर ना हों कंफ्यूज, जानें सही समय और भद्रा का प्रभाव

भक्ति और उल्लास का संगम

फाग रसिया मंडल के कलाकार पारंपरिक रसिया गायन प्रस्तुत कर रहे हैं. ढप और मृदंग की थाप पर श्रद्धालु झूम रहे हैं. पूरा वातावरण ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो स्वयं श्रीकृष्ण अपनी गोपियों के साथ होली खेल रहे हों. ब्रज में फागुन का यह उत्सव रंग, भक्ति और प्रेम का अद्भुत उदाहरण पेश कर रहा है.

Previous article चंपाई सोरेन के पोते को ब्लिंकिट से मंगाकर दी गई थी दवा, अस्पताल जाते समय मुंह से निकल रहा था झाग
Next article विवाह में देरी से हैं परेशान? अपनाएं ये आसान उपाय, पीले जल्दी होंगे हाथ
Avatar Of Shaurya Punj
शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel