[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion Bhai Dooj 2025: भाई दूज पर जानिए शुभ मुहूर्त और तिलक का सही समय

Bhai Dooj 2025: भाई दूज पर जानिए शुभ मुहूर्त और तिलक का सही समय

0
Bhai Dooj 2025: भाई दूज पर जानिए शुभ मुहूर्त और तिलक का सही समय
भाई दूज 2025 का शुभ मुहूर्त

Bhai Dooj 2025: दीवाली का त्योहार पांच दिनों तक बड़े उत्साह से मनाया जाता है और इसका आखिरी दिन भाई दूज कहलाता है. इस दिन का इंतजार हर भाई-बहन को रहता है, क्योंकि यह उनके प्यार और विश्वास का प्रतीक होता है. इसे अलग-अलग जगहों पर भाई टीका, भाई बीज, भाई फोंटा, या भ्रातृ द्वितीया नाम से भी जाना जाता है. आइए जानें भाई दूज का शुभ मुहूर्त और तिलक का सही समय

भाई दूज 2025 की तारीख

हिंदू पंचांग के अनुसार, द्वितीया तिथि 22 अक्टूबर 2025 को शाम 8:16 बजे से शुरू होकर 23 अक्टूबर 2025 की रात 10:46 बजे तक रहेगी. इसलिए भाई दूज 23 अक्टूबर 2025, गुरुवार को मनाया जा रहा है.

तिलक का शुभ समय

भाई दूज के दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. इस साल तिलक का शुभ समय दोपहर 1:13 बजे से 3:28 बजे तक रहेगा. इसी समय तिलक करना सबसे शुभ माना गया है.

भाई दूज का महत्व

पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान कृष्ण ने जब नरकासुर राक्षस का वध किया, तो वे अपनी बहन सुभद्रा के घर गए. सुभद्रा ने उनका स्वागत फूलों और मिठाइयों से किया और उनके माथे पर तिलक लगाया. उसी क्षण से भाई दूज का पर्व मनाने की परंपरा शुरू हुई.

इस दिन बहनें अपने भाइयों के लिए खास भोजन और मिठाइयाँ बनाती हैं. बदले में भाई अपनी बहन को आशीर्वाद और उपहार देते हैं. भारत के अलग-अलग राज्यों में इसका तरीका थोड़ा अलग होता है, लेकिन भावना एक ही रहती है — प्यार और सुरक्षा का बंधन.

ये भी पढ़ें: सपनों में मरे हुए लोगों का दिखना, जानिए इसका क्या है मतलब? 

ये भी पढ़ें:  आज भाई दूज के दिन करें इस कथा का पाठ

ये भी पढ़ें: भाई दूज पर जरूर करें यमराज और यमुना जी की आरती

भाई दूज की परंपरा

बहनें पहले आरती उतारती हैं, फिर भाई के माथे पर लाल तिलक लगाकर उसके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना करती हैं. भाई अपनी बहन को तोहफा देता है और जीवनभर उसकी रक्षा का वादा करता है.

जन्मकुंडली, वास्तु, तथा व्रत त्यौहार से सम्बंधित किसी भी तरह से जानकारी प्राप्त करने हेतु दिए गए नंबर पर फोन करके जानकारी प्राप्त कर सकते है .

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
8080426594/9545290847

Previous article Swapna Shastra: सपनों में मरे हुए लोगों का दिखना, जानिए इसका क्या है मतलब?
Next article Mehndi Design For Bhai Dooj: भाई दूज के मौके पर हाथों में लगाएं ये लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन, रचने के बाद लोग पूछेंगे आर्टिस्ट का नाम 
Avatar Of Shaurya Punj
शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel