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Home Religion भद्रकाली जयंती से पहले जानें क्यों माना गया है इन्हें तंत्र विद्या की अधिष्ठात्री देवी

भद्रकाली जयंती से पहले जानें क्यों माना गया है इन्हें तंत्र विद्या की अधिष्ठात्री देवी

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भद्रकाली जयंती से पहले जानें क्यों माना गया है इन्हें तंत्र विद्या की अधिष्ठात्री देवी
भद्रकाली जयंती 2026

Bhadrakali Jayanti 2026:  मां भद्रकाली की जयंती ज्येष्ठ माह की एकादशी तिथि को मनाई जाती है. वर्ष 2026 में अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह पर्व 13 मई को मनाया जाएगा. दक्षिण भारत में मां भद्रकाली की पूजा विशेष रूप से प्रचलित है और इस दिन भक्त पूरे श्रद्धाभाव से देवी की आराधना करते हैं. मान्यता है कि मां भद्रकाली की पूजा से भय, शत्रु बाधा और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है.

कौन हैं मां भद्रकाली?

माता काली के अनेक स्वरूप बताए गए हैं, जैसे दक्षिणा काली, महाकाली, श्मशान काली, श्यामा काली और भद्रकाली. इनमें भद्रकाली को मां काली का शांत और कल्याणकारी रूप माना जाता है. “भद्र” का अर्थ शुभ और मंगलकारी होता है, इसलिए भद्रकाली भक्तों को सुख, सुरक्षा और आशीर्वाद प्रदान करने वाली देवी मानी जाती हैं.

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवी भद्रकाली भगवान शिव के क्रोध से प्रकट हुई थीं. जब देवी सती ने अपने पिता दक्ष प्रजापति के यज्ञ में अपमानित होकर आत्मदाह किया, तब भगवान शिव अत्यंत क्रोधित हुए. उसी क्रोध से मां भद्रकाली प्रकट हुईं और उन्होंने दक्ष के यज्ञ का विनाश किया. उनका मुख्य उद्देश्य अधर्म और दुष्ट शक्तियों का अंत करना था.

पूजा का धार्मिक महत्व

धार्मिक ग्रंथों में मां भद्रकाली को तंत्र विद्या की अधिष्ठात्री देवी माना गया है. ऐसा विश्वास है कि उनकी उपासना करने से शत्रुओं का नाश होता है और तंत्र-मंत्र या बुरी शक्तियों का प्रभाव समाप्त होता है. मां की कृपा से व्यक्ति में साहस, आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना बढ़ती है.

जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष, शत्रु बाधा या मानसिक भय होता है, उनके लिए भद्रकाली जयंती का दिन विशेष फलदायी माना गया है. इस दिन विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है.

कैसे करें पूजा?

भद्रकाली जयंती के दिन सुबह स्नान कर लाल या काले वस्त्र धारण करें. मां भद्रकाली की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाकर लाल फूल, सिंदूर और नारियल अर्पित करें. इसके बाद देवी मंत्रों और काली चालीसा का पाठ करें. श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा से मां भद्रकाली शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती हैं.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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