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Home Religion बरगद का पत्ता किन देवी-देवताओं को नहीं चढ़ाना चाहिए? जानिए धार्मिक मान्यता

बरगद का पत्ता किन देवी-देवताओं को नहीं चढ़ाना चाहिए? जानिए धार्मिक मान्यता

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बरगद का पत्ता किन देवी-देवताओं को नहीं चढ़ाना चाहिए? जानिए धार्मिक मान्यता
बरगद का पत्ता किन देवी-देवताओं को अर्पित नहीं करना चाहिए

Hindu worship rules: सनातन धर्म में देवी-देवताओं की पूजा केवल श्रद्धा का विषय नहीं है, बल्कि इसके लिए कई धार्मिक नियम और परंपराएं भी निर्धारित की गई हैं. प्रत्येक देवी-देवता की अपनी प्रिय वस्तुएं होती हैं, जिन्हें अर्पित करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होने की मान्यता है. वहीं कुछ वस्तुएं ऐसी भी हैं, जिन्हें विशेष देवताओं को चढ़ाना वर्जित माना गया है. इन्हीं में से एक है बरगद का पत्ता, जिसे कुछ देवी-देवताओं की पूजा में इस्तेमाल नहीं किया जाता.

भगवान विष्णु की पूजा में क्यों नहीं चढ़ाया जाता बरगद का पत्ता?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु को तुलसी दल अत्यंत प्रिय है. तुलसी को पवित्रता, सात्विकता और भक्ति का प्रतीक माना जाता है. दूसरी ओर बरगद का वृक्ष वैराग्य, तपस्या और महाकाल से जुड़ा माना जाता है. इसी कारण भगवान विष्णु की पूजा में बरगद के पत्तों का उपयोग नहीं किया जाता. मान्यता है कि श्रीहरि को कोमल और सात्विक अर्पण अधिक प्रिय हैं, जबकि बरगद का संबंध संन्यास और स्थिरता से माना जाता है.

मां लक्ष्मी की पूजा में बरगद का पत्ता क्यों है वर्जित?

धन, ऐश्वर्य और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी को चंचल स्वरूप माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बरगद का वृक्ष स्थायित्व, वैराग्य और मोक्ष का प्रतीक है. इसी वजह से गृहस्थ जीवन में मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान बरगद के पत्तों का उपयोग नहीं किया जाता. माना जाता है कि लक्ष्मी पूजा में कमल, गुलाब और अन्य शुभ पुष्पों का उपयोग अधिक फलदायी होता है.

गणेश जी की पूजा में भी नहीं किया जाता उपयोग

भगवान गणेश की पूजा में दूर्वा, मोदक और लाल फूलों का विशेष महत्व बताया गया है. विघ्नहर्ता गणपति को प्रसन्न करने के लिए इन वस्तुओं का अर्पण शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणेश पूजा में ऐसे पत्तों का उपयोग नहीं करना चाहिए जो वैराग्य या कठोरता का प्रतीक माने जाते हैं. बरगद का पत्ता भी इसी श्रेणी में आता है, इसलिए इसे गणेश जी को अर्पित करना उचित नहीं माना गया है.

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पूजा में रखें इन बातों का ध्यान

देवी-देवताओं की पूजा करते समय उनकी प्रिय और वर्जित वस्तुओं की जानकारी होना आवश्यक है. सही विधि और श्रद्धा के साथ की गई पूजा अधिक शुभ फलदायी मानी जाती है. इसलिए पूजा सामग्री का चयन करते समय धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बरगद का पत्ता भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा में अर्पित नहीं किया जाता. प्रत्येक देवता की प्रिय वस्तुएं अलग होती हैं और उसी के अनुरूप पूजा करने से आध्यात्मिक एवं धार्मिक लाभ प्राप्त होने की मान्यता है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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