[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Religion आज मनाई जा रही है बैसाखी, खालसा पंथ की स्थापना का ऐतिहासिक दिन

आज मनाई जा रही है बैसाखी, खालसा पंथ की स्थापना का ऐतिहासिक दिन

0
आज मनाई जा रही है बैसाखी, खालसा पंथ की स्थापना का ऐतिहासिक दिन
बैसाखी की खुशियों के साथ इतिहास को याद करें

Baisakhi 2026:  इस वर्ष बैसाखी 14 अप्रैल, मंगलवार के दिन मनाई जा रही है. यह पर्व हर साल 13 या 14 अप्रैल को आता है और पूरे भारत में बड़े उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाता है. खासकर किसानों के लिए यह दिन बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह नई फसल के आगमन और समृद्धि का प्रतीक है.

प्रकृति के प्रति आभार का पर्व

बैसाखी को “किसानों का पर्व” भी कहा जाता है. इस दिन लोग अपनी फसल के लिए प्रकृति और ईश्वर का धन्यवाद करते हैं. घर-घर में अनाज की पूजा की जाती है और यह कामना की जाती है कि सभी के घर धन-धान्य से भरे रहें. इस पर्व की खूबसूरती यह है कि इसमें सभी धर्मों के लोग मिलकर खुशियां मनाते हैं.

पौराणिक कथा से जुड़ा महत्व

बैसाखी का संबंध महाभारत काल से भी जोड़ा जाता है. मान्यता है कि वनवास के दौरान पांडव पंजाब के कटराज ताल के पास पहुंचे थे. वहां जल पीने के कारण चारों भाई मूर्छित हो गए थे. तब यक्ष ने युधिष्ठिर से प्रश्न पूछे और उनके उत्तरों से प्रसन्न होकर सभी भाइयों को जीवनदान दिया. इसी घटना को बैसाखी की उत्पत्ति से जोड़ा जाता है, जो धर्म, सत्य और बुद्धिमत्ता का संदेश देती है.

दान-पुण्य और स्नान का महत्व

ज्योतिष के अनुसार, बैसाखी पर दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है. इस बार दान का शुभ मुहूर्त 13 अप्रैल दोपहर 1:59 बजे से शुरू होकर 14 अप्रैल सूर्योदय तक रहेगा. यदि गंगा स्नान संभव न हो, तो घर में गंगाजल से स्नान करना भी पुण्यदायक माना जाता है.

ये भी पढ़ें: सभी के जीवन में खुशहाली और समृद्धि बनी रहे …. यहां से भेजें बैसाखी की हार्दिक शुभकामनाएं

 खालसा पंथ की स्थापना का ऐतिहासिक दिन

बैसाखी का महत्व सिख धर्म में भी बहुत खास है. इसी दिन 1699 में गुरु गोविंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी. उन्होंने अपने पांच प्रिय शिष्यों को अमृत पान कराकर “पंज प्यारे” बनाया. सिख समुदाय इस दिन को अपने सामूहिक जन्मदिवस के रूप में भी मनाता है.

 एकता, उत्सव और उमंग का संदेश

बैसाखी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि यह एकता, समृद्धि और कृतज्ञता का प्रतीक है. यह हमें सिखाता है कि प्रकृति, परंपरा और परिश्रम का सम्मान करना ही जीवन की असली खुशहाली है.

Previous article जल्दी करें! CUET PG 2026 आंसर की पर ऑब्जेक्शन का आज आखिरी मौका
Next article Bhooth Bangla: रिलीज से पहले ही आया ‘भूत बंगला’ का रिव्यू, क्लाइमैक्स का हुआ खुलासा
Avatar Of Shaurya Punj
शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel