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Home Religion बाबा बैद्यनाथधाम ज्योतिर्लिंग की महिमा, कथा और रोग निवारण की मान्यता

बाबा बैद्यनाथधाम ज्योतिर्लिंग की महिमा, कथा और रोग निवारण की मान्यता

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बाबा बैद्यनाथधाम ज्योतिर्लिंग की महिमा, कथा और रोग निवारण की मान्यता
बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग

Baidyanath Dham Jyotirlinga: भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथधाम ज्योतिर्लिंग झारखंड के देवघर में स्थित है. यह ज्योतिर्लिंग अन्य सभी ज्योतिर्लिंगों से कुछ अलग और विशेष माना जाता है. इसे रावणेश्वर ज्योतिर्लिंग भी कहा जाता है, क्योंकि धार्मिक मान्यता के अनुसार इसकी स्थापना रावण ने की थी. ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा ने बताया कि इस ज्योतिर्लिंग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां भक्त स्पर्श पूजन भी कर सकते हैं, जो बहुत कम ज्योतिर्लिंगों में संभव है.

भक्ति से मिलती है रोगों से मुक्ति

बाबा बैद्यनाथ को रोगों के नाशक के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ यहां भगवान शिव का जलाभिषेक करता है, वह शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कष्टों से मुक्त हो जाता है. इसी विश्वास के कारण सावन माह में लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से लगभग 105 किलोमीटर पैदल यात्रा कर ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ गंगाजल लाते हैं और बाबा पर अर्पित करते हैं.

यह भी कहा जाता है कि यहां की नित्य आरती और नियमित दर्शन से असाध्य रोग भी ठीक हो जाते हैं. यही कारण है कि बाबा बैद्यनाथ को “वैद्य” यानी रोगों का उपचार करने वाले भगवान कहा जाता है.

शिवगंगा और उपचार की मान्यता

एक प्राचीन कथा के अनुसार, जब देवताओं के वैद्य अश्विनी कुमार गंभीर रूप से बीमार हो गए थे, तब उन्होंने देवघर स्थित शिवगंगा में स्नान किया और उसी जल से भगवान शिव का अभिषेक किया. इसके बाद वे पूरी तरह स्वस्थ हो गए. तभी से मान्यता है कि शिवगंगा में स्नान कर बाबा बैद्यनाथ पर जल चढ़ाने से सभी शारीरिक रोग और कष्ट दूर होते हैं.

वैद्यनाथ धाम की पौराणिक कथा

शिवपुराण के अनुसार, रावण भगवान शिव को लंका ले जाना चाहता था. उसने कठोर तपस्या कर अपने एक-एक सिर को शिवलिंग के चरणों में अर्पित किया. प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उसे एक दिव्य शिवलिंग दिया और शर्त रखी कि इसे रास्ते में भूमि पर नहीं रखा जाएगा. भगवान विष्णु की लीला से रावण को विवश होकर शिवलिंग एक ग्वाले को देना पड़ा, जिसने उसे धरती पर रख दिया. उसी स्थान पर यह वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग स्थापित हो गया.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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