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Home Religion झारखंड का मिनी बाबा धाम, यहां ऐसे प्रकट हुआ था चमत्कारी शिवलिंग

झारखंड का मिनी बाबा धाम, यहां ऐसे प्रकट हुआ था चमत्कारी शिवलिंग

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झारखंड का मिनी बाबा धाम, यहां ऐसे प्रकट हुआ था चमत्कारी शिवलिंग
झारखंड का मिनी बाबा धाम

Baba Amreshwar Dham: झारखंड के खूंटी जिला के तोरपा प्रखंड में स्थित बाबा आम्रेश्वर धाम एक बहुत प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है. लोग इसे श्रद्धा से झारखंड का “मिनी बाबा धाम” भी कहते हैं. यहां मौजूद शिवलिंग स्वयंभू माना जाता है, यानी यह अपने आप प्रकट हुआ था. यही कारण है कि यह स्थान शिवभक्तों के लिए बहुत खास है. सावन के महीने में यहां लाखों श्रद्धालु जलाभिषेक करने के लिए आते हैं और भगवान शिव से आशीर्वाद मांगते हैं.

इस मंदिर परिसर में सिर्फ शिवलिंग ही नहीं, बल्कि भगवान गणेश, माता पार्वती, भगवान राम, हनुमान जी, राधा-कृष्ण, मां दुर्गा, माता काली और शनिदेव के मंदिर भी हैं. इससे यह स्थान एक संपूर्ण धार्मिक केंद्र बन गया है.

आम के पेड़ के नीचे मिला शिवलिंग

इस धाम का इतिहास भी बहुत रोचक है. पहले यह शिवलिंग अंगराबाड़ी इलाके में घनी झाड़ियों के बीच एक आम के पेड़ के नीचे था. वर्ष 1979 में जगतगुरु शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती यहां से गुजर रहे थे. जब उन्हें इस शिवलिंग के बारे में पता चला, तो उन्होंने यहां रुककर पूजा की.

उन्होंने ही इस स्थान का नाम “बाबा आम्रेश्वर धाम” रखा. “आम्रेश्वर” नाम आम के पेड़ से जुड़ा हुआ है. बाद में 1988-89 में एक वज्रपात हुआ, जिससे वह आम का पेड़ नष्ट हो गया. कुछ समय बाद वहां एक बड़ा बरगद का पेड़ उग आया, जो आज भी वहां मौजूद है.

बस मालिक के सपने में मिला संकेत

इस धाम से जुड़ी एक और दिलचस्प कहानी है. स्थानीय लोगों के अनुसार, 1960 के दशक में आर साहु नाम के एक बस मालिक की बस यहां बार-बार खराब हो जाती थी. एक दिन जब उनकी बस खराब हुई, तो उन्हें रात में सपना आया.

सपने में उन्हें झाड़ियों के बीच शिवलिंग होने का संकेत मिला. अगले दिन उन्होंने उस जगह की सफाई करवाई और सच में वहां शिवलिंग मिला. इसके बाद से यह जगह लोगों की आस्था का केंद्र बन गई.

सावन में लगता है बड़ा मेला

सावन के महीने में यहां बहुत ज्यादा भीड़ होती है. झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से भी श्रद्धालु यहां आते हैं. भक्तों का विश्वास है कि यहां जल चढ़ाने से भगवान शिव उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं.

कैसे पहुंचें बाबा आम्रेश्वर धाम

यह धाम खूंटी से लगभग 10 किलोमीटर और रांची से करीब 47 किलोमीटर दूर है. श्रद्धालु सड़क मार्ग से यहां आसानी से पहुंच सकते हैं. रांची से आने वाले लोग तुपुदाना रिंग रोड होते हुए यहां पहुंचते हैं.

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आस्था और विश्वास का पवित्र स्थान

बाबा आम्रेश्वर धाम सिर्फ एक मंदिर नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और विश्वास का प्रतीक है. यहां आने वाले भक्त भगवान शिव से सुख, शांति और मनोकामना पूरी होने का आशीर्वाद मांगते हैं. यही वजह है कि यह धाम आज झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल हो चुका है.

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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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