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Home Religion आमलकी एकादशी के दिन क्या करें और क्या न करें, जानें नियम

आमलकी एकादशी के दिन क्या करें और क्या न करें, जानें नियम

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आमलकी एकादशी के दिन क्या करें और क्या न करें, जानें नियम
आमलकी एकादशी

Amalaki Ekadashi 2026: आमलकी एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित एक विशेष पर्व है. इस दिन भगवान विष्णु और आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है. यह आत्मशुद्धि बनाए रखने और प्रकृति का आभार व्यक्त करने का पर्व है. मान्यता है कि जो भी भक्त इस व्रत को करता है, उसके सभी पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है. 

आमलकी एकादशी के दिन क्या करें?

  1. आंवले के वृक्ष की पूजा: इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा का विशेष महत्व है. पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें, धूप-दीप जलाएं और उसके बाद पेड़ की परिक्रमा करें.
  2. पीले फूल और फल का अर्पण: भगवान विष्णु को पीले फूल, पीले फल और तुलसी के पत्ते अर्पित करें.
  3. आंवले का दान और सेवन: इस दिन आंवले का दान अत्यंत शुभ माना जाता है. साथ ही प्रसाद के रूप में आंवले का सेवन करना भी बहुत लाभकारी है.
  4. ब्रह्मचर्य का पालन: एकादशी के दिन शारीरिक और मानसिक शुद्धता बनाए रखना जरूरी है. इस दिन पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
  5. दान: आमलकी एकादशी के दिन जरूरतमंदों और गरीबों को दान करना चाहिए. कहते हैं कि इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं. इस दिन आप अन्न, वस्त्र या तिल का दान कर सकते हैं.
  6. मंत्र जाप: इस दिन भगवान विष्णु के मंत्र ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें. ऐसा करने से मानसिक शांति और स्थिरता आती है.

आमलकी एकादशी के दिन क्या न करें?

  1. चावल का सेवन: एकादशी के दिन चावल खाना वर्जित माना गया है. इस दिन चावल खाना मांस खाने के समान माना जाता है.
  2. आंवले के पेड़ को नुकसान: इस दिन भूलकर भी आंवले के पेड़ को न काटें और न उसकी टहनियां तोड़ें. ऐसा करना अशुभ माना जाता है.
  3. तुलसी के पत्ते तोड़ना: इस दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए.
  4. तामसिक भोजन: प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा और मसूर की दाल जैसी तामसिक चीजों से पूरी तरह दूरी बनाएं.
  5. नशा और क्रोध: इस दिन गुस्सा न करें, किसी की बुराई (निंदा) न करें और न ही झूठ बोलें.
  6. बाल और नाखून काटना: एकादशी के दिन बाल कटवाना, दाढ़ी बनाना या नाखून काटना वर्जित माना गया है.
  7. देर तक सोना: इस दिन सुबह जल्दी उठें और रात्रि में जागरण कर भजन-कीर्तन करें.

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे धर्म, ज्योतिष, राशिफल, व्रत-त्योहार, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं. उनकी विशेष रुचि धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय विश्लेषण और दैनिक राशिफल को सरल, सटीक और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने में है. नेहा का उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धर्म, संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों को आसानी से समझ सकें. उनकी लेखन शैली शोध-आधारित, सरल और स्पष्ट है, जो जटिल विषयों को भी सहज और रोचक बना देती है. वे राशिफल, ग्रह-गोचर, व्रत-त्योहार, धार्मिक मान्यताओं, वास्तु, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय रीति-रिवाजों से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखती हैं. डिजिटल पत्रकारिता में उनकी रुचि पाठकों की जरूरतों को समझते हुए जानकारीपूर्ण, SEO-अनुकूल और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में है.
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