Maha Shivaratri 2020:डॉ. मोहनानंद मिश्र
वैद्यनाथ ज्योर्तिलिंग की ख्याति हिमालय से कन्याकुमारी तक फैली है. संभवत: वैद्यनाथ के नाम पर जितने भी मंदिर संपूर्ण भारत में हैं, उतने मंदिर अन्य ज्योर्तिलिंगों के नाम पर नहीं हैं. असंख्य लिंगों की उपस्थिति के बाद भी इनकी महत्ता सर्वोपरि है. वैद्यनाथ ज्योर्तिलिंग अतिप्राचीन है. इनकी सत्ता तता पूजा त्राग्वैदिक न मानी जाय, तब भी यह कहना होगा कि पूर्वांचल का यह प्राचीनतम ज्योर्तिलिंग है. इस भूतल पर जो शिवलिंग सर्वप्रथम अविभूत हुआ था, वह आदि अंत विहीन था. उसे स्तंभ भी कहा गया है. वैद्यनाथ ज्योर्तिलिंग को भी उसी पारंपरागत लिंग विग्रह के अंतर्गत अंगीभूत किया जाता है. सर्वप्रथम आविर्भूत होने वाला उक्त शिवलिंग ज्वालामाला से आवृत्त था. इसलिए आज भी उन्हें ज्योर्तिलिंग के नाम से जाना जाता है.