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वासंतिक नवरात्र तीसरा दिन : ऐसे करें मां चंद्रघंटा की उपासना

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वासंतिक नवरात्र तीसरा दिन : ऐसे करें मां चंद्रघंटा की उपासना
जो पक्षी प्रवर गरूड़ पर आरूढ़ होती हैं, उग्र कोप और रौद्रता से युक्त रहती हैं तथा चंद्रघण्टा नाम से विख्यात हैं ,वे दुर्गा देवी मेरे लिए कृपा का विस्तार करें.
त्वं देवी जननी परा-3
स्वयं देवी ने कहा-मैं ही सब देवताओं के रूप में विभिन्न नामों से स्थित हूं और उनकी शक्तिरूप से पराक्रम करती रहती हूं. जल में शीतलता, अग्नि में उष्णता, सूर्य में ज्योतिएवं चंद्रमा में ठंढक मैं ही हूं.
अहं ब्रह्मस्वरूपिणी।
मत्तः प्रकृतिपुरूषात्मकं जगत्।
शून्यं चाशून्यं च- इस वचन के अनुसार भगवती को निखिल विश्वोत्पादक ब्रह्म ही स्वीकार किया गया है. दूसरी बात यह है कि दार्शनिक दृष्टि से प्रणब का जो अर्थ है यही ह्लीं का अर्थ है. स्थूल विश्व प्रपंच के अभिमानी चैतन्य को वैश्वानर कहते हैं, अर्थात् समस्त प्राणियों के स्थूल विषयों का जो उपभोग करता है. इसी जागरित-स्थान वैश्वानर को प्रणव की प्रथम मात्रा अकार समझना चाहिए. अर्थात् समस्त वाड्मय, चार वेद, अठारह पुराण, सत्ताईस स्मृति, छः दर्शन आदि प्रणब की एकमात्रा अकार का अर्थ है.-अकारो वै सर्वा वाक् (श्रुति) अर्थात समस्त वाणी अाकार ही है.स्वप्नप्रपंच का अभिमानी चैतन्य को तैजस कहलाता है अर्थात् वासना मात्र का स्वप्न में उपभोग करता है. यह तैजस ही प्रणब की द्वितीया मात्रा उकार है. अर्थात् अकार-मात्रा की अपेक्षा उकार-मात्रा श्रेष्ठ है.
सुषुप्ति-प्रपंच के अभिमानी चैतन्य को प्राज्ञ कहते हैं अर्थात् वह सौषुप्तिक सुख के आनंद का अनुभव करता है.यही प्राज्ञ प्रणब की तीसरी मात्रा मकार है. जो अदृश्य-अव्यत्रहार्य-अग्राह्य-अलक्षण-अचिन्त्य तत्व इन मात्राओं से परे हैं अर्थात् अद्वैत शिव ही प्रणब हैं. वही आत्मा हैं. अब ह्लींकार का विचार करें.जो शास्त्र में प्रणब की व्याख्या है, वही ह्लींकार की व्याख्या है. ह्लींकार में जो हकार है वही स्थूल देह है, रकार सूक्ष्मदेह और इकार कारण-शरीर है. हकार ही विश्व है, रकार तैजस और इकार ही प्राज्ञ है.(क्रमशः)
प्रस्तुतिःडॉ.एन.के.बेरा
दीपदान को उमड़ रहे भक्त, चंद्रघंटा की उपासना आज
पटना सिटी : वासंतिक नवरात्रि में दूसरे दिन रविवार को भक्तों की ओर से देवी के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की उपासना की गयी. सोमवार को भगवती की तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की उपासना होगी. शक्तिपीठ मंदिरों में पूजा-अर्चना व दीपदान के लिए भक्तों की भीड़ मंगला आरती से जुटनी शुरू हो गयी थी.
महंत विजय शंकर गिरि व भोलू गिरि ने बताया कि नवरात्रि में दीपदान के महत्व को देखते हुए महिलाओं की भीड़ नौ दिनों तक मंदिर में दीप जलाने जुटती है. महंत ने बताया कि महानिशा पूजा का अनुष्ठान 12 अप्रैल शुक्रवार की मध्य रात्रि में होगा, जबकि सुबह पांच बजे भगवती की मंगल आरती व शाम साढ़े नौ बजे आरती हो रही है. इसी प्रकार शक्तिपीठ छोटी पटनदेवी में महंत अभिषेक अनंत द्विवेदी ने बताया कि नौ दिन कन्या पूजन व पांच बार भगवती की आरती की जा रही है.
इसी प्रकार से गड़हा पटनदेवी ,सर्व मंगला देवी मंदिर गुलजारबाग में द्वारिकानंद मिश्र व अगमकुआं स्थित शीतला माता मंदिर में जय प्रकाश पुजारी, अमरनाथ बबलू, पंकज पुजारी, छोटू पुजारी व सुनील पुजारी की देखरेख में भगवती की पूजा -अर्चना का अनुष्ठान हुआ. वहीं, काली मंदिर खाजेकलां व मंगल तालाब, पीतांबरा मंदिर गुड़ की मंडी, सबरंग क्लब की ओर से हाजीगंज मोड़ व अदरक घाट पूजा समिति में वासंती पूजा हुई. बेगमपुर स्थित जल्ला वाले हनुमान मंदिर, महावीर स्थान पानदरीवा गली, महावीर घाट स्थित महावीर मंदिर, काले हनुमान मंदिर में पुजारी राजेश मिश्र की देखरेख में और दीवान मोहल्ला तारणी प्रसाद लेन स्थित बाबा मुक्तेश्वर नाथ शिव मंदिर में नवरात्र को लेकर धार्मिक अनुष्ठान हुआ.
जल्ला हनुमान मंदिर में सुबह तीन बजे खुलेगा पट
पटना सिटी : बेगमपुर स्थित जल्ला वाले हनुमान मंदिर में रामनवमी के मौके पर मंदिर का पट 13 अप्रैल को सुबह तीन बजे खुल जायेगा. रविवार को रामनवमी की तैयारियों के लिए श्री महावीर मंदिर विकास ट्रस्ट की बैठक अमर कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई. बैठक में मंदिर में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने का अनुमान है. इसे देखते हुए हनुमान लला के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का प्रवेश मंदिर के दक्षिण में बने मार्ग से होगा. वाहनों के पड़ाव की व्यवस्था गुरु गोबिंद सिंह पथ में होगी. मीडिया प्रभारी ज्ञानवर्द्धन मिश्र ने बताया कि निकास की व्यवस्था दूसरे मार्ग से होगह. तैयारियों व सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए एसडीओ राजेश रोशन व एएसपी बलिराम कुमार चौधरी मंदिर पहुंचे. बैठक में रमेशचंद्र गुप्ता, अरुण कुमार रणवीर, परिमल कुमार राय, देवकी नंदन पोद्दार, विश्वनाथ मेहता, महावीर अग्रवाल, रमन केडिया, पवन झुनझुनवाला, संजय गोप, उदय शंकर मेहता, मिथिलेश जायसवाल, बबलू सिंह, डीएन लाल, विनय कृष्ण, सुनील केसरी आदि उपस्थित थे.
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