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Home Aaj Ka Rashifal सूर्यग्रहण काल के दौरान करें गीता और महामृत्युंजय मंत्र का जाप

सूर्यग्रहण काल के दौरान करें गीता और महामृत्युंजय मंत्र का जाप

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सूर्यग्रहण काल के दौरान करें गीता और महामृत्युंजय मंत्र का जाप
सूर्यग्रहण पर मंत्रों का जाप

Surya Grahan 2026: आज 17 फरवरी 2026 को साल का पहला सूर्यग्रहण लग रहा है. सूर्यग्रहण एक ऐसी खगोलीय घटना है जिसे धर्म और आध्यात्मिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. जब सूर्य और पृथ्वी के बीच चंद्रमा आ जाता है, तब कुछ समय के लिए सूर्य का प्रकाश ढक जाता है. सनातन परंपरा में इस समय को साधना, मंत्र जाप और आत्मचिंतन के लिए विशेष माना गया है. खासतौर पर इस दौरान भगवद्गीता और महामृत्युंजय मंत्र का जाप बहुत शुभ और फलदायी बताया गया है.

ग्रहण काल क्यों माना जाता है विशेष?

धार्मिक मान्यता है कि ग्रहण के समय वातावरण में सूक्ष्म ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है. इस समय किया गया जप, तप और ध्यान सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक फल देता है. इसलिए ऋषि-मुनियों ने ग्रहण को आध्यात्मिक उन्नति का अवसर बताया है. नकारात्मक ऊर्जा से बचने और मन को स्थिर रखने के लिए मंत्र जाप की सलाह दी जाती है.

गीता पाठ का महत्व

भगवद्गीता हिंदू धर्म का एक प्रमुख ग्रंथ है. इसमें जीवन, कर्म, धर्म और आत्मा के गहरे सिद्धांत बताए गए हैं. सूर्यग्रहण के समय गीता का पाठ करने से मन में सकारात्मक विचार आते हैं और भय या भ्रम दूर होता है.

ग्रहण के समय कई लोगों को अनजाना डर या असहजता महसूस होती है. ऐसे में गीता के श्लोक मन को स्थिरता देते हैं. खासकर गीता का 12वां और 15वां अध्याय पढ़ना लाभकारी माना जाता है. गीता सिखाती है कि जीवन में हर परिस्थिति में धैर्य और विश्वास बनाए रखना चाहिए.

ग्रहण के समय गीता पढ़ने से व्यक्ति अपने कर्मों पर विचार करता है और आत्मशुद्धि की ओर कदम बढ़ाता है. यह समय आत्मचिंतन का होता है, और गीता का संदेश हमें सही मार्ग दिखाता है.

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सूर्यग्रहण काल के दौरान करें गीता और महामृत्युंजय मंत्र का जाप 3

महामृत्युंजय मंत्र का महत्व

ऋग्वेद में वर्णित महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव को समर्पित है। यह मंत्र इस प्रकार है –

“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥”

यह मंत्र जीवन में आने वाले भय, रोग और संकट को दूर करने वाला माना जाता है. सूर्यग्रहण के समय इस मंत्र का जाप करने से मानसिक शक्ति बढ़ती है और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है. धार्मिक मान्यता है कि ग्रहण काल में वातावरण संवेदनशील होता है. ऐसे समय में शिव मंत्र का उच्चारण सुरक्षा कवच की तरह काम करता है. जो लोग स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझ रहे हों, उनके लिए यह मंत्र विशेष लाभकारी बताया गया है. महामृत्युंजय मंत्र का जाप 108 बार करना शुभ माना जाता है. यदि संभव हो तो रुद्राक्ष की माला से जप करें और शांत स्थान पर बैठकर ध्यान लगाएं.

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ग्रहण के समय क्या करें?

  • सूर्यग्रहण के दौरान स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें. पूजा स्थान को साफ रखें और दीपक जलाकर मंत्र जाप करें. गीता पाठ या महामृत्युंजय मंत्र का जप करते समय मन में श्रद्धा और एकाग्रता होनी चाहिए.
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद फिर से स्नान करना और घर में गंगाजल छिड़कना शुद्धिकरण के लिए अच्छा माना जाता है. जरूरतमंदों को दान देना भी पुण्यकारी माना गया है.

आध्यात्मिक लाभ

  • गीता और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ केवल धार्मिक क्रिया नहीं है, बल्कि यह मन को शांति और स्थिरता देता है. सूर्यग्रहण जैसे विशेष समय में जब प्रकृति में बदलाव होता है, तब ये मंत्र व्यक्ति को अंदर से मजबूत बनाते हैं.
  • गीता हमें सिखाती है कि हर परिस्थिति में संतुलन बनाए रखें, जबकि महामृत्युंजय मंत्र हमें भय और संकट से मुक्त होने की प्रेरणा देता है.
  • इस प्रकार, सूर्यग्रहण का समय डरने का नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना और आत्मबल बढ़ाने का अवसर है. श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया जप निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम देता है.
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शौर्य पुंज विशेष रूप से दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों एवं लेखों पर फोकस कर रहे हैं. वो डिजिटल मीडिया जगत के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. पाठकों की रुचि और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वे सरल, सहज और तथ्यपूर्ण धार्मिक एवं ज्योतिषीय कंटेंट तैयार करते हैं. डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ शौर्य खबरों की नब्ज को समझने और जटिल विषयों को आसान भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांस लेखन से की थी. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में कार्य करने का अवसर मिला और अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन में काम शुरू किया. यहां उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट और मनोरंजन जगत की प्रमुख खबरों पर लेखन किया. साल 2020 के दौरान उन्होंने लाइफस्टाइल, हेल्थ, एजुकेशन और अन्य नॉन-न्यूज कैटेगरी में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. Health & Fitness, Beauty & Fashion, Relationship & Family, Food & Recipes, Travel, Astrology & Vastu, Career & Motivation, Festival & Culture जैसे विषयों पर उन्होंने सैकड़ों उपयोगी और जानकारीपूर्ण लेख तैयार किए. शिक्षा शौर्य पुंज का जन्म रांची, झारखंड में हुआ. उनकी प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एंड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की. पत्रकारिता की उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें समाचार लेखन के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के आधार पर तथ्यपूर्ण, संतुलित और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में सक्षम बनाती है. विशेषज्ञता के क्षेत्र दैनिक राशिफल साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल ज्योतिषीय उपाय पूजा-पाठ एवं धार्मिक अनुष्ठान व्रत-त्योहार एवं शुभ मुहूर्त वास्तु शास्त्र धार्मिक मान्यताएं एवं परंपराएं लाइफस्टाइल एवं वेलनेस हेल्थ एवं फिटनेस डिजिटल कंटेंट राइटिंग एवं SEO पाठकों तक विश्वसनीय, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाना शौर्य पुंज की लेखन शैली की सबसे बड़ी विशेषता है.
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