[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Aaj Ka Rashifal क्या होते हैं मारक ग्रह? जानें कुण्डली में इनके प्रभाव और बचाव के उपाय 

क्या होते हैं मारक ग्रह? जानें कुण्डली में इनके प्रभाव और बचाव के उपाय 

0
क्या होते हैं मारक ग्रह? जानें कुण्डली में इनके प्रभाव और बचाव के उपाय 
मारक ग्रह

Marak Grah: जब भी मारक ग्रहों के प्रभाव की बात की जाती है, तो सामान्यतः जातक के मन में यह नाम सुनकर ही भय उत्पन्न हो जाता है कि मारक का अर्थ है मृत्यु देने वाले या मृत्यु तुल्य गंभीर कष्ट देने वाले ग्रह. इसी कारण से जातक बिना फल का सही विचार किए विभिन्न प्रकार के उपाय करने लगते हैं, जिससे कई बार जीवन में समस्याएं और भी बढ़ जाती हैं. इसलिए आज हम इसी विषय पर चर्चा करेंगे कि वास्तव में कौन से ग्रह मारक होते हैं.

मारक ग्रहों की पहचान 

कुण्डली में बारह भाव होते हैं, जो जीवन के अलग-अलग चरणों से संबंधित होते हैं. इनमें से कुछ भाव और उनके स्वामी ग्रह जीवन में शुभता प्रदान करते हैं, जबकि कुछ भाव और उनके स्वामी ग्रह अशुभ फल भी देते हैं. लेकिन इन दोनों से बिल्कुल अलग प्रभाव देने वाले भाव होते हैं मारक भाव और उनके स्वामी ग्रह. यह प्रभाव उन भावों में स्थित ग्रहों पर भी लागू होता है.

हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में संबंधित भाव, उनके स्वामी ग्रह और उस भाव में स्थित ग्रहों को मारक दोष नहीं लगता.

सामान्यतः कुण्डली के 2, 3 और 7 भाव को मारक भाव माना जाता है तथा इनके स्वामी ग्रह और इन भावों में स्थित ग्रहों को मारकेश कहा जाता है. लेकिन यह तभी मारक भाव और मारकेश ग्रह होंगे जब वे लग्नेश के शत्रु ग्रह हों.

यदि लग्नेश के मित्र ग्रह हों, जैसे कन्या लग्न की कुण्डली में दूसरे भाव में तुला राशि हो, जो लग्नेश बुध के मित्र ग्रह की राशि है, तो ऐसी स्थिति में दूसरे भाव और उसके स्वामी ग्रह को मारक दोष नहीं लगता. लेकिन मंगल शत्रु ग्रह होकर तृतीय भाव का स्वामी होगा, जो कि मारक भाव है, इसलिए तृतीय भाव को मारक भाव और उसके स्वामी ग्रह मंगल को मारकेश कहा जाएगा. यदि इन भावों में राहु-केतु भी स्थित हों, तो वे भी मारकेश ग्रह की तरह फल देते हैं.

सभी लग्नों में मारक भाव और मारकेश ग्रह

  • मेष लग्न में शुक्र
  • वृषभ लग्न में मंगल
  • मिथुन लग्न में गुरु
  • कर्क लग्न में शनि
  • सिंह लग्न में शनि
  • कन्या लग्न में मंगल
  • तुला लग्न में मंगल
  • वृश्चिक लग्न में शुक्र
  • धनु लग्न में शनि
  • मकर लग्न में गुरु
  • कुंभ लग्न में गुरु
  • मीन लग्न में शुक्र

मारकेश ग्रहों के प्रभाव

मारकेश ग्रह अपनी दशा-अंतरदशा में किस प्रकार का प्रभाव देंगे या किस प्रकार का कष्ट देंगे, यह उस ग्रह के नैसर्गिक स्वभाव पर निर्भर करता है. उदाहरण के लिए गुरु ग्रह सामाजिक सम्मान का कारक होता है, लेकिन मारकेश होने पर यह व्यक्ति के सम्मान को किसी दंड या अपमान के माध्यम से प्रभावित कर सकता है.

आचार्य विनोद त्रिपाठी

यहां पढ़ें राशिफल से जुड़ी बड़ी खबरें: Aaj Ka Rashifal, आज का राशिफल, Saptahik Rashifal, Daily Horoscope at Prabhat Khabar

Previous article CBSE की वेबसाइट देखिए, जानिए क्या इस हफ्ते आएगा 12वीं का रिजल्ट
Next article 1 मई से फ्यूल का नया रेट कार्ड: कमर्शियल गैस और थोक डीजल में भारी उछाल, घरेलू उपभोक्ता सुरक्षित
Avatar Of Neha Kumari
नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वे धर्म, ज्योतिष, राशिफल, व्रत-त्योहार, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेखन करती हैं. उनकी विशेष रुचि धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय विश्लेषण और दैनिक राशिफल को सरल, सटीक और पाठक-हितैषी भाषा में प्रस्तुत करने में है. नेहा का उद्देश्य पाठकों तक विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धर्म, संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों को आसानी से समझ सकें. उनकी लेखन शैली शोध-आधारित, सरल और स्पष्ट है, जो जटिल विषयों को भी सहज और रोचक बना देती है. वे राशिफल, ग्रह-गोचर, व्रत-त्योहार, धार्मिक मान्यताओं, वास्तु, पौराणिक प्रसंगों और भारतीय रीति-रिवाजों से संबंधित विषयों पर नियमित रूप से लेख लिखती हैं. डिजिटल पत्रकारिता में उनकी रुचि पाठकों की जरूरतों को समझते हुए जानकारीपूर्ण, SEO-अनुकूल और प्रभावी कंटेंट तैयार करने में है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel