[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Prabhat Khabar Special US Election Day : राष्ट्रपति चुनाव का कब आएगा रिजल्ट, विस्तार से जानें चुनाव की पूरी प्रक्रिया

US Election Day : राष्ट्रपति चुनाव का कब आएगा रिजल्ट, विस्तार से जानें चुनाव की पूरी प्रक्रिया

0
US Election Day : राष्ट्रपति चुनाव का कब आएगा रिजल्ट, विस्तार से जानें चुनाव की पूरी प्रक्रिया

US Election Day : अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 5 नवंबर को है. अमेरिका का अगला राष्ट्रपति कौन होगा इसके लिए मतों की गिनती वोटिंग के बाद ही शुरू हो जाएगी, परिणाम आने में एक-दो दिन का समय लग सकता है. हालांकि चुनाव के दौरान किए गए सर्वे से यह तय हो जाता है कि राष्ट्रपति पद किसे मिलेगा. इस बार के चुनाव में सब यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या अमेरिका को पहली बार एक महिला राष्ट्रपति मिलेगी या फिर डोनाल्ड ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बनेंगे.

US Presidential Election 2024 : सर्वे में किसका पलड़ा भारी?

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में इस बार कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप के बीच कड़ा मुकाबला चल रहा है और ऐसा प्रतीत हो रहा है कि डेमोक्रेट्‌स को चुनाव जीतने में परेशानी हो रही है. 2008 से अमेरिका की राजनीति पर डेमोक्रेट्‌स का प्रभाव रहा है. लेकिन 2016 में रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप से जीत दर्ज की थी, उसके बाद 2020 में डेमोक्रेट्‌स फिर सत्ता में आ गए. 2024 के चुनाव में अबतक के सर्वे में कमला हैरिस बढ़त तो बनाए हुए हैं, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें कड़ी टक्कर दी है. बात अगर उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की करें, तो उनके लिए देश का राजनीतिक माहौल बहुत अनुकूल नहीं है. पोल की मानें तो डेमोक्रेट्‌स के लिए चुनौती बहुत गंभीर है. अमेरिकी चुनाव में पिछले कुछ दशकों में ऐसा पहली बार होता दिख रहा है कि रिपब्लिकन ने राष्ट्रीय स्तर पर बराबरी या बढ़त बनाई है. सर्वे में यह देखा गया है कि अधिकतर मुद्दों में रिपब्लिकन डेमोक्रेट्‌स पर हावी है, हां लोकतंत्र और गर्भपात जैसे मुद्दे इसमें अपवाद रहे हैं, जहां डेमोक्रेट्‌स को बढ़त हासिल है. कोरोना महामारी और उसके बाद के प्रभाव से मतदाताओं का गुस्सा सत्ताधारी पार्टी को प्रभावित कर सकता है और यही वजह है कि एंटी इनकंबेंसी का प्रभाव यहां दिख रहा है. बावजूद इसके कमला हैरिस जोर लगा रही हैं और अभी तक रेस में पिछड़ी नहीं हैं.

Also Read : अमेरिका में हर साल 5 लाख से 16 लाख तक  गर्भपात, चुनाव में छाया मुद्दा, जानें पूरी बात

Madrasa In India: कैसे दी जाती है मदरसों में शिक्षा, बाल अधिकार आयोग ने क्यों उठाए सवाल?

Copy Of Add A Heading 2024 11 03T141023.982
Us election day : राष्ट्रपति चुनाव का कब आएगा रिजल्ट, विस्तार से जानें चुनाव की पूरी प्रक्रिया 4

डेमोक्रेट और रिपब्लिकन पार्टी में क्या है फर्क

अमेरिका में डेमोक्रेट की छवि एक उदार राजनीतिक पार्टी की है, जबकि रिपब्लिकन रूढ़िवादी पार्टी है. डेमोक्रेट्‌स अपनी छवि के अनुसार  नागरिक अधिकारों  और सामाजिक सुरक्षा जैसे एजेंडे पर काम करते हैं जबकि रिपब्लिकन कम करों, सरकार के आकार को छोटा करने और   गर्भपात पर कड़े प्रतिबंध की वकालत करता है.

कैसे होता है अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव?

अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव चार साल में एक बार होता है और यहां की जनता सीधे राष्ट्रपति को चुनने के लिए वोट नहीं करती, बल्कि वे इलेक्टोरल काॅलेज का चुनाव करती है. इलेक्टोरल काॅलेज को हिंदी में निर्वाचक मंडल कहा जाता है. अमेरिका में 50 राज्य है और वहां की जनसंख्या के आधार पर इलेक्टोरल तय होता है. राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए एक उम्मीदवार को कम से कम 270 इलेक्टर्स के वोट की आवश्यकता होती है.

अमेरिका चुनाव
Us election day : राष्ट्रपति चुनाव का कब आएगा रिजल्ट, विस्तार से जानें चुनाव की पूरी प्रक्रिया 5

Also Read : US Presidential Election 2024 : कैसे होता है अमेरिका में राष्ट्रपति का चुनाव? जानें पूरी चुनावी प्रक्रिया

https://www.youtube.com/watch?v=dSRm1gK7Onk
Previous article Baby Name on Sun: सूर्य देव के नाम पर रखें बेटे का नाम, लाडले को मिलेगा सूर्य जैसा तेज
Next article BJP के घोषणा पत्र में युवाओं के लिए क्या है खास, अमित शाह बोले- सरकार बनने पर पेपर लीक माफियाओं को कर देंगे सीधा
Avatar Of Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel