[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Prabhat Khabar Special Weather Report : मई महीने में क्यों हो रही आफत की बारिश, हीटवेव ने बाढ़ को दिया निमंत्रण

Weather Report : मई महीने में क्यों हो रही आफत की बारिश, हीटवेव ने बाढ़ को दिया निमंत्रण

0
Weather Report : मई महीने में क्यों हो रही आफत की बारिश, हीटवेव ने बाढ़ को दिया निमंत्रण
हीटवेव ने बाढ़ को दिया निमंत्रण

Weather Report : भारत में आमतौर पर 6 ऋतुएं होती हैं, लेकिन विगत कुछ वर्षों से मौसम का पैटर्न तेजी से बदला है. साल 2025 में मई के महीने में तेज बारिश और आंधी -तूफान से बाढ़ की स्थिति कई राज्यों में बन गई है. बेंगलुरु में 5 लोगों की मौत हुई है. आखिर क्यों मई के महीने में गर्मी की बजाय आम आदमी बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर है.

मई में गर्मी के बजाय आफत की बारिश

बेंगलुरू में पिछले 36 घंटों में हुई आफत की बारिश की वजह से 5 लोगों की मौत हुई है, वहीं उत्तराखंड में भूस्खलन हुआ है. झारखंड और बिहार में भी आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की वजह से पिछले दो-तीन दिन में 10 लोगों की मौत हो चुकी है. पिछले कुछ दिनों से असामान्य मौसम की जो घटनाएं सामने आई हैं, उसके पीछे जलवायु परिवर्तन, पश्चिमी विक्षोभों की दिशा में बदलाव और समुद्री तापमान में वृद्धि प्रमुख कारण है. पर्यावरणविद सीमा जावेद बताती हैं कि 2025 में वसंत ऋतु आया ही नहीं. सर्दी के बाद सीधे गर्मी की शुरुआत हो गई. मौसम में यह बदलाव कई दृष्टिकोण से खतरनाक है. मौसम में इस तरह के बदलाव से किसानों को परेशानी होती है. कई तरह के फल और सब्जियां अब बाजार में नजर नहीं आती है. जाड़े के बाद सीधे गर्मी का मौसम. इसकी वजह से आफत की बारिश हो रही है. बारिश होती तो है, लेकिन उस बारिश का कोई फायदा आम आदमी को मिलने वाला नहीं है. इस तरह की बारिश कम समय के लिए होती है, जिससे पानी बर्बाद होता है. ग्राउंड वाटर रिचार्ज नहीं हो पाता है और वाटर हार्वेस्टिंग की कोई सुविधा हमारे पास है नहीं.

क्यों बढ़ रही है आफत की बारिश

कुछ साल पहले तक जब बारिश होती थी, तो मौसम खुशनुमा हो जाता था, लेकिन अब परिस्थिति बदल चुकी है. अब बारिश होती है, तो बाढ़ आती है, वज्रपात से मौत होती है. ओलावृष्टि से फसल का नुकसान होता है. इस संबंध में सीमा जावेद बताती हैं कि बढ़ते तापमान की वजह से वातावरण की नमी धारण करने की क्षमता बढ़ती जा रही है, जिसकी वजह से आफत की बारिश हो रही है. नेपाल में याला ग्लेशियर समाप्त हो गया. इस ग्लेशियर को मृत घोषित कर दिया गया है, यह ग्लोबल वार्मिंग का असर है. अब स्थिति यह हो गई है कि मौसमी फल और फसल नहीं उग रहे हैं, जिसकी वजह से किसान जीविका के लिए दूसरे अनाज और फसल पर शिफ्ट हो रहे हैं, यह ना सिर्फ हमारे फूड हैबिट को बदल रहा है बल्कि हमारे स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर रहा है. खान-पान में बदलाव को इतनी सहजता से स्वीकार करना मुश्किल है. मौसम के पैटर्न में जिस तेजी से बदलाव देखा जा रहा है, आने वाली पीढ़ी को पेयजल का गंभीर संकट देखना पड़ सकता है. ग्लेशियर पिघल रहे हैं और नदियां सिकुड़ रही हैं. हीटवेव और हवाओं की दिशा बदलने से आजकल कम समय में अधिक वर्षों होती है, जो बाढ़ की स्थिति को उत्पन्न करता है. साथ ही पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड की घटनाएं भी बढ़ रही हैं.

Also Read : शशि थरूर राष्ट्रीय हित के मुद्दे पर सरकार के साथ, कांग्रेस में बेचैनी; ये है पूरी कहानी

पाकिस्तान में बलात्कार पीड़िताओं को देनी होती थी 4 पुरुषों की गवाही, वरना मिलती थी 100 कोड़े की सजा

अहमदिया मुसलमानों को पाकिस्तानी नहीं मानते मुसलमान, खत्म करना चाहते हैं उनका अस्तित्व

इमरान खान से पहले पाकिस्तान में जुल्फिकार अली भुट्टो को दी गई थी जेल में यातना, फिर फांसी

हिंदू और मुसलमान के बीच भारत में नफरत की मूल वजह क्या है?

विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर पढ़ने के लिए क्लिक करें

Previous article कोसी तटबंध व कटाव निरोधक कार्यों का हाई लेवल टीम ने किया निरीक्षण
Next article ड्योढ़े उम्र की महिला से प्रेम विवाह के बाद घरेलू तनाव में युवक ने की खुदकुशी
Avatar Of Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel