[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Prabhat Khabar Special Sheikh Hasina Next Destination: अब क्या करेंगी शेख हसीना, भारत के बाद कहां होगा ठिकाना?

Sheikh Hasina Next Destination: अब क्या करेंगी शेख हसीना, भारत के बाद कहां होगा ठिकाना?

0
Sheikh Hasina Next Destination: अब क्या करेंगी शेख हसीना, भारत के बाद कहां होगा ठिकाना?
Sheikh Hasina Next Destination

Sheikh Hasina Next Destination: बांग्लादेश में फैली हिंसा के बीच वहां की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पद से इस्तीफा दिया और देश छोड़कर भारत आ गईं. फिलहाल वे भारत में ही हैं, लेकिन जैसी सूचना आ रही है वो अगले 48 घंटे में भारत छोड़कर किसी यूरोपीय देश जा सकती हैं. खबरों की मानें तो शेख हसीना फिनलैंड या फिर रूस जा सकती हैं. शेख हसीना के भारत में शरण लेने के बाद विदेशमंत्री एस जयशंकर ने संसद को बताया कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री ने कुछ दिनों के लिए भारत में रहने की अनुमति मांगी है, भारत ने इसके लिए व्यवस्था की और हम उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के पक्षधर हैं.

1975 में भारत में शरण ले चुकी हैं शेख हसीना

Sheikh
शेख हसीना 1981 में बांग्लादेश लौटी थीं

भारत में शरणार्थियों के लिए कोई नीति नहीं है, यही वजह है कि शेख हसीना भारत की बजाय यूरोपीय देशों का रुख करना चाहती हैं. हालांकि शेख हसीना ने भारत में एक लंबा समय अपने परिवार के साथ बिताया है, जब उनके पिता शेख मुजीबुर्रहमान की 1975 में हत्या कर दी गई थी उसी दौर में शेख हसीना भारत में रही थीं. वे लगभग छह साल तक भारत में अपने पति के और बच्चों के साथ रही थीं, उसी दौरान उन्होंने आकाशवाणी में काम भी किया था. भारत सरकार की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि वो कितने दिनों तक शेख हसीना को अपने यहां शरण दे सकता हैं. इसके पीछे कई कारण हैं.

बांग्लादेश लौटना शेख हसीना के लिए खतरनाक

बांग्लादेश की फिलहाल जो स्थिति और वहां जिस तरह की अराजकता है शेख हसीना का वहां लौटना खतरे से खाली नहीं है, ऐसे में संभावना यही जताई जा रही है कि शेख हसीना कुछ दिन भारत में रहने के बाद अपने रिश्तेदारों के पास फिनलैंड जा सकती हैं.हालांकि उनके बेटे का कहना है कि स्थिति सामान्य होने पर वे वापस देश लौटेंगी. शेख हसीना लंदन में शरण चाहती थी, लेकिन ब्रिटेन ने शरण देने से मना कर दिया है. जहां तक बात अमेरिका की है तो अमेरिका ने शेख हसीना को पहले भी वीजा नहीं दिया है, तो वह आगे भी इसपर विचार नहीं करेगा, क्योंकि शेख हसीना के साथ अमेरिका के संबंध अनुकूल नहीं है. अमेरिका ने शेख हसीना को तानाशाह भी बताया था, इन हालात में शेख हसीना अमेरिका भी नहीं जा पाएंगी.

Also Read : Bangladesh Protests : बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ अब क्या होगा?

Waqf Board Amendment Bill: वक्फ एक्ट संशोधन बिल पेश, ये होंगे बड़े बदलाव

शरण के लिए इन देशों से हो रही है बात

शेख हसीना के फिनलैंड जाने की बात इसलिए सामने आ रही है क्योंकि वहां शेख हसीना के करीबी और रिश्तेदार रहते हैं, साथ ही अमेरिका और ब्रिटने से यहां आने-जाने में भी कोई परेशानी नहीं होगी. वहीं एक और देश का नाम भी सामने आ रहा है, वह है रुस . हालांकि ना तो रुस की ओर से इस पर कुछ गया है और ना ही फिनलैंड की ओर से यह बताया गया है कि शेख हसीना वहां शरण ले सकती हैं. यह सूचना भी है कि शेख हसीना यूएई या सउदी अरब में भी शरण ले सकती हैं, उनकी बातचीत हो रही है.


कितने दिनों तक भारत में रहेंगी?

साउथ एशियन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डाॅ धनंजय त्रिपाठी ने प्रभात खबर के साथ बातचीत में बताया कि शेख हसीना भारत में कितने दिनों तक रहेंगी यह अभी बता पाना संभव नहीं है. लेकिन जब तक उन्हें कोई सुरक्षित जगह नहीं मिल जाएगी वो भारत में ही रहेंगी यह तय है. उनके यूके जाने की चर्चा थी, लेकिन यूके उनके साथ बहुत कंफर्टेबल नहीं है, वहीं उनकी छवि भी इस तरह की है कि यूके उन्हें शरण नहीं देगा. वे यूएई या सउदी अरब जा सकती हैं, इन देशों से इनकी बातचीत हो रही है. जहां तक बात शेख हसीना के भारत में अधिक समय तक रहने और दोनों देशों के बीच संबंध की है, तो निश्चित तौर पर अगर हसीना यहां ज्यादा दिनों तक रहीं, तो वहां बनने वाली नई सरकार इसे निगेटिव तरीके से लेगी. बांग्लादेश में अभी जो कुछ हुआ है, वह शेख हसीना के खिलाफ हुआ है. अगर शेख हसीना ज्यादा दिनों तक भारत में रहेंगी, तो बांग्लादेश में जो भारत विरोधी खेमा है, उसे बल मिलेगा और वह भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा कर सकता है. यह स्थिति भारत के लिए अच्छी नहीं होगी और भारत भी यह नहीं चाहेगा.

https://www.youtube.com/watch?v=_sCZ9R0EBes


विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में और सर्वदलीय बैठक में जो कुछ कहा, उससे यह स्पष्ट है कि भारत शेख हसीना की सुरक्षा चाहता है, लेकिन लंबे समय तक वह भारत को अपने यहां नहीं रख सकता है. एस जयशंकर से स्षप्ट तौर पर कहा कि शेख हसीना फाॅर दि मूमेंट भारत में हैं. वहां हमारा दूतावास सक्रिय है और वहां की सरकार हमारे लोगों की रक्षा करेगी. वहां हिंदुओं पर भी हमले हो रहे हैं जो चिंताजनक है.

Also Read :Vinesh Phogat Retirement : विनेश फोगाट ने लिया संन्यास, पहलवान ने हमेशा किया संघर्ष

Previous article Digital Payment: पेटीएम, फोनपे और गूगल पे से 5 लाख तक कर करेंगे भुगतान
Next article Top Girls School in Delhi: बेटी को पढ़ाना चाहते हैं दिल्ली में, तो इन गर्ल्स स्कूल में करवा सकते हैं एडमिशन
Avatar Of Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel