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Home Prabhat Khabar Special Payal Gaming : कौन है पायल गेमिंग? प्राइवेट वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भिड़े फैंस

Payal Gaming : कौन है पायल गेमिंग? प्राइवेट वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भिड़े फैंस

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Payal Gaming : कौन है पायल गेमिंग? प्राइवेट वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भिड़े फैंस
पायल गेमिंग

Payal Gaming Viral Video : Viral Video 19 Minute 34 Seconds के बाद सोशल मीडिया पर एक और चीज वायरल हो रही है वह है-payal gaming और payal gaming viral. पायल गेमिंग का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर जंग छिड़ गई है.पायल गेमिंग एक यूट्‌यूबर हैं, जो गेमिंग क्रिएटर हैं. पायल गेमिंग का असली नाम पायल धारे है. पायल का एक प्राइवेट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसके बारे में अटकलों का बाजार गर्म है कि क्या वह असली है या नकली है.

वीडियो असली हो या नकली हो, इस तरह के वीडियो को वायरल करना कानून के अनुसार अपराध है और सरकर ने इसके खिलाफ कड़ी सजा का प्रावधान कर रखा है. हमने अपने आर्टिकल में पहले भी बताया है कि किसी आपत्तिजनक वीडियो को शेयर करने पर आईटी एक्ट के तहत कड़ी सजा दी जाती है. हम अपने पाठकों को एक बार फिर याद करा देंगे कि किस तरह की सजा आईटी एक्ट के तहत दी जाती है, लेकिन उससे पहले यह जानें कि कौन है पायल गेमिंग जिसका प्राइवेट वीडियो सोशल पर वायरल किया जा रहा है.

Payal Gaming : कौन है पायल गेमिंग या पायल धारे?

Payal Gaming
पायल गेमिंग

पायल गेमिंग एक यूट्‌यूबर हैं, जिनके चैनल को 4.5 मिलियन लोगों ने सब्स्क्राइव किया हुआ है. इंस्टाग्राम पर उसके लगभग 4.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं. इस लिहाज से पायल गेमिंग एक सेलिब्रेटी हैं. पायल गेमिंग का असली नाम पायल धारे है. वह मध्यप्रदेश छिंदवाड़ा की रहने वाली हैं. पायल धारे ने गेमिंग की दुनिया में पुरुषों को चुनौती देते हुए अपने लिए जगह बनाई है. वो एक बेहतरीन गेमिंग सेलिब्रेटी हैं. उनके लाइव ब्राॅडकास्ट को काफी पसंद किया जाता है. पायल ने अबतक कई पुरस्कार भी जीते हैं. पायल ने गेमिंग की दुनिया में 2019 में एंट्री ली थी और महज 6 साल में वो एक जाना-माना नाम बन गई हैं. पायल धारे पबजी (PUBG) Valorant, और जीटीए (GTA) जैसे गेम्स की महारथी हैं, उनके वीडियो काफी इंगेजिंग होते हैं, जिसकी वजह से उनके फैंस बहुत ज्यादा हैं. मात्र 21 साल की पायल, भारत की पहली महिला हैं, जिसने गेमिंग की बदौलत अपने सब्सक्राइवर के आंकड़ें को 3 मिलियन के पार किया है और अब वो 4.5 मिलियन पर पहुंच चुकी है. पायल धारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी और उनके साथ भारत में वीडियो गेमिंग के भविष्य पर चर्चा की थी.

पायल गेमिंग का वायरल वीडियो असली है या नकली? (payal gaming viral video is real or fake)

Payal-Date
पायल गेमिंग वीडियो

पायल गेमिंग का जो वीडियो वायरल है उसके बारे में यह कहा जा रहा है कि यह असली हो सकता है, लेकिन इसके नकली होने की संभावना ज्यादा दिख रही है. यह वीडियो पर एक्स हैंडल पर वायरल हुआ, तो उसके कई फैन सामने आए और इस वीडियो को डीपफेक बताया है. पायल के प्रशंसक यह मान रहे हैं कि यह वायरल वीडियो उसकी छवि खराब करने के लिए लाई गई है. इस वीडियो के असली होने का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है. हालांकि पायल गेमिंग ने भी अबतक इस वायरल वीडियो पर कोई टिप्पणी नहीं की है. पायल अभी दुबई टूर पर गई हुई हैं और उन्होंने इससे संबंधित वीडियो अपने इंस्टा स्टोरी पर शेयर भी किया है. इस वजह से यह माना जा रहा है कि यह वीडियो नकली है और कुछ लोगों ने पायल को बदनाम करने के लिए उसका डीपफेक बनाया है. पायल के फैंस लगातार यह अपील कर रहे हैं कि इस वीडियो को शेयर ना करें क्योंकि एआई के युग में इस तरह की कारस्तानी अब आम बात होती जा रही है. महिलाओं को अपमानित करने वाले इस तरह के वीडियो के प्रसार और उन्हें अपमान से बचाना के लिए सरकार आईटी एक्ट लेकर आई है.

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वीडियो शेयर किया, तो जाना पड़ सकता है जेल

आईट एक्ट 2000 की धारा 67, 67ए और 67बी के अनुसार अगर कोई अश्लील सामग्री, यौन सामग्री या बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री शेयर करता है तो उसे 5 से 7 साल की जेल और 10 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है. बच्चों का अश्लील वीडियो शेयर करने पर सजा और जुर्माना दोनों ही ज्यादा हो सकते हैं. एक बार अपराध करने के बाद अगर कोई दूसरी बार भी अपराध करता है, तो उसकी सजा और बढ़ सकती है.

प्रावधानयदि दोषी पाया गया — सजा / जुर्माना
धारा 67 (obscene content प्रकाशित/ट्रांसमिट) — पहली बारजेल — 3 साल तक और जुर्माना — 5 लाख तक
धारा 67 — पुनरावृत्ति (repeat offence)जेल — 5 साल तक, जुर्माना — 10 लाख तक
धारा 67A (sexually explicit content प्रकाशित/ट्रांसमिट) — पहली बारजेल — 5 साल तक, जुर्माना — 10 लाख तक
धारा 67A — पुनरावृत्तिजेल — 7 साल तक, जुर्माना — (कानून में जुर्माना limit) — 10 लाख तक
धारा 67B (बच्चों से जुड़ा अश्लील कंटेंट)बहुत सख्त जेल + भारी जुर्माना

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रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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