[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Prabhat Khabar Special क्या माही भाई के बिना टीम CSK है जीरो, फैंस क्यों जानना चाहते हैं इस सवाल का जवाब?

क्या माही भाई के बिना टीम CSK है जीरो, फैंस क्यों जानना चाहते हैं इस सवाल का जवाब?

0
क्या माही भाई के बिना टीम CSK है जीरो, फैंस क्यों जानना चाहते हैं इस सवाल का जवाब?
महेंद्र सिंह धोनी

IPL 2026 MS Dhoni: आईपीएल 2026 के पहले मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम राजस्थान राॅयल्स से हार गई. चेन्नई की हार के बाद सोशल मीडिया पर एक सवाल तेजी से वायरल हो रहा है कि क्या महेंद्र सिंह धोनी इस बार का आईपीएल खेलेंगे? इसकी वजह यह है कि सीएसके बिना धोनी के उसी तरह की नजर आती है, जैसे दांत और नाखूनों के बिना शेर. इतना ही नहीं इस बार सीएसके की टीम के साथ ना तो सुरेश रैना हैं और ना ही उनके सर जडेजा. इस वजह से पूरी की पूरी टीम ही बदली-बदली नजर आ रही है.

आईपीएल में क्यों बढ़ी एमएस धोनी की मांग?

आईपीएल 2026 में चेन्नई ने अपना पहला मैच राजस्थान राॅयल्स के खिलाफ खेला और टीम महज 127 रन के स्कोर पर ऑल आउट हो गई. राजस्थान के खिलाड़ियों के सामने सीएसके की टीम बहुत ही कमजोर दिख रही थी और ना तो उनके बैटिंग, ना बाॅलिंग और ना ही फील्डिंग में कोई स्पार्क दिखा. खिलाड़ियों का प्रदर्शन बहुत ही लचर था और महज तीन खिलाड़ी ही डबल डिजिट में स्कोर कर पाए. सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी जेमी ओवरटन रहे, जिन्होंने 43 रन बनाया. सीएसके की यह हालत होने के बाद उनके फैंस बहुत हताश और निराश हैं, उन्हें आशा की किरण सिर्फ और सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी के रूप में नजर आ रहे हैं.

धोनी ने बनाया है सीएसके को बेस्ट आईपीएल टीम

Dhoni
महेंद्र सिंह धोनी ने csk को बनाया बेस्ट टीम

सीएसके की पहचान महेंद्र सिंह धोनी से होती है. वे बेस्ट कैप्टन, विकेट कीपर और फिनिशर के रूप में सीएसके को आईपीएल की बेस्ट टीम बना चुके हैं. धोनी के नेतृत्व में चेन्नई की टीम अबतक 5 बार चैंपियन बन चुकी है. धोनी की कप्तानी में चेन्नई ने 2010, 2011, 2018, 2021 और 2023 में खिताब अपने नाम किया. मुंबई इंडियंस के अलावा आईपीएल की कोई और टीम इस मुकाम तक नहीं पहुंच पाई है. इतना ही नहीं धोनी ने सीएसके को सबसे अधिक बार आईपीएल का फाइनल खेलने वाली टीम बनाया है. सीएसके अबतक 10 बार फाइनल में पहुंच चुकी है, जबकि मुंबई सिर्फ छह बार फाइनल खेलने वाली टीम है.

धोनी के बिना अबतक सिर्फ 7 बार मैदान पर उतरी है सीएसके की टीम

आईपीएल की शुरुआत 2008 में हुई है, उसके बाद से अबतक यह आईपीएल का 19वां सीजन है. दो सीजन में सीएसके बैन थी, यानी कुल 17 सीजन में अबतक खेले गए मैचों के अनुसार सीएसके ने 255 मैच खेले हैं, जिनमें से महज 7 मैच में धोनी टीम के साथ नहीं थे. 255 में से 142 मैच सीएसके ने जीते हैं जबकि 110 हारे हैं और 3 मैच का परिणाम नहीं निकला है. इंडियन प्रीमियर लीग के अनुसार धोनी ने अपने आईपीएल करियर में कुल 278 मैच खेले हैं, जिनमें से 30 मैच उन्होंने पुणे सुपर जाइंट्‌स के लिए खेले थे यानी कुल 248 मैच उन्होंने सीएसके के लिए खेले हैं. सीएसके ने धोनी के बिना 7 मैच खेले हैं, उनमें से महज एक ही मैच टीम जीत पाई है.

ये भी पढ़ें : हम आपका इंतजार कर रहे हैं, नरक में स्वागत है; US ग्राउंड ऑपरेशन की खबरों पर ईरान का कड़ा संदेश

महंगाई और ईरान युद्ध के खिलाफ अमेरिका में No Kings प्रोटेस्ट क्यों?

महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर कैसे एक दुष्कर्मी तांत्रिक अशोक खरात के संपर्क में आईं?

Previous article डॉ. जय मदान के अनुसार काला धागा बांधने के वास्तु टिप्स
Next article बिहार के इस जिले में बेटी के प्यार से नाराज पिता ने रची थी साजिश, पुलिस ने ऐसे सुलझाई कत्ल की गुत्थी
Avatar Of Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel