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Home Prabhat Khabar Special भारत–पाकिस्तान: उस रोमांच को याद करें, जब जोगिंदर शर्मा की गेंद पर श्रीसंत ने लपका था कैच…

भारत–पाकिस्तान: उस रोमांच को याद करें, जब जोगिंदर शर्मा की गेंद पर श्रीसंत ने लपका था कैच…

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भारत–पाकिस्तान: उस रोमांच को याद करें, जब जोगिंदर शर्मा की गेंद पर श्रीसंत ने लपका था कैच…
टी-विश्वकप विजेता टीम इंडिया

India vs Pakistan : क्रिकेट के मैदान पर जब भारत–पाकिस्तान की टीम आमने–सामने होती है, तो रोमांच चरम पर होता है. टी–20 विश्वकप 2026 में वही रोमांच 15 फरवरी को दिखने वाला है. कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में यह मैच खेला जाएगा, हालांकि बारिश की 60% आशंका है, जिसकी वजह से क्रिकेट प्रेमियों के मन में कुछ असमंजस तो है, बावजूद इसके क्रिकेट प्रेमियों का उत्साह कम नहीं हुआ है. इस आलेख में हम 3 ऐसे पलों को याद कर रहे हैं, जिसने ना सिर्फ दर्शकों को रोमांचित किया; बल्कि उन्हें रूला भी दिया.

जब 2007 में चैंपियन बनने से बस एक शाॅट दूर था पाकिस्तान

2007 के फाइनल मैच में अंतिम ओवर में पाकिस्तान को 13 रन बनाना था. गेंदबाज जोगिंदर शर्मा ने पहला गेंद वाइड फेंक दिया था, जिसपर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भागकर उसके पास आए और उसे कुछ समझाया. दूसरा गेंद डाॅट गया था. तीसरे गेंद पर मिस्बाह ने छक्का जड़ दिया था, जिसके बाद यह लगा था कि पाकिस्तान चैंपियन बन गया, लेकिन अगले ही गेंद पर मिस्बाह ने स्कूप खेलने की कोशिश की और शाॅर्ट फाइनलेग पर खड़े श्रीसंत ने कैप पकड़ लिया. श्रीसंत के हाथों में जैसे ही गेंद गई, कुछ पल की खामोशी थी और फिर भारतीय क्रिकेट प्रेमी खुशी से उछल पड़े थे, उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे. भारत टी–20 विश्वकप का चैंपियन बन चुका था.

2007 के ग्रुप मैच में टाई मैच को बाॅल आउट से जीता था भारत

2007 के टी–20 विश्वकप में भारत ने टाई मैच को बाॅल आउट से जीता था. उस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी की थी और 20 ओवर में 141 रन बनाए थे. मैच लो स्कोर का था, जिसे जीतने के लिए भारत को बहुत मशक्कत करनी थी. टीम ने पूरी जान लगा दी और मैच को टाई कर दिया. अब समय था यह जानने का कि मैच जीतेगा कौन. तब बाॅल आउट का तरीका चुना गया. पाकिस्तान ने अपने तेज गेंदबाजों को विकेट हिट करने के लिए चुना, लेकिन भारत ने पहली बार गेंद सहवाग को फिर स्पिनर हरभजन सिंह को सौंपी और परिणाम यह हुआ कि भारत वह मैच जीत गया.

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2021 का वो मैच जिसमें भारत को मिली थी 10 विकेट से हार

2021 में टी–20 विश्वकप दुबई में खेला गया था और यह मैच भारत के लिहाज से बहुत ही शर्मनाक बन गया, क्योंकि पाकिस्तान ने यह मैच पूरे दस विकेट से जीता था. बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान ने 152 रन के लक्ष्य को 18वें ओवर में ही पूरा कर लिया था और उनका कोई विकेट भी नहीं गिरा था. इस मैच में पाकिस्तान ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया था और भारत हार गया था. यह हार भारतीयों के लिए आंखों में आंसू लेकर आई थी.

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रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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