[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Prabhat Khabar Special कैसे बनता है तबाही मचाने वाला चक्रवाती तूफान? क्यों दिया गया अनमोल उपहार ‘Dana’ नाम

कैसे बनता है तबाही मचाने वाला चक्रवाती तूफान? क्यों दिया गया अनमोल उपहार ‘Dana’ नाम

0
कैसे बनता है तबाही मचाने वाला चक्रवाती तूफान? क्यों दिया गया अनमोल उपहार ‘Dana’ नाम

Dana Cyclone Update : बंगाल की खाड़ी में बना गंभीर चक्रवाती तूफान 24 अक्टूबर की शाम को ओडिशा के तट से टकराएगा. अभी यह तूफान 110-120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि जिस वक्त यह तूफान तट से टकराएगा उस वक्त इसकी रफ्तार 120-130 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है. इस चक्रवाती तूफान की वजह से ओडिशा और बंगाल में तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी. मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार 24 से 26 अक्टूबर तक इस चक्रवात के प्रभाव से ओडिशा, बंगाल, बिहार, झारखंड और तटीय इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. बंगाल और ओडिशा के लिए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है. बंगाल की खाड़ी और और अरब सागर में अक्सर चक्रवाती तूफान बनता रहता है, जिसके प्रभाव से तटीय इलाकों में काफी नुकसान भी सहना पड़ता है. 

कैसे बनता है समुद्र में चक्रवाती तूफान?

Copy Of Add A Heading 83 2
कैसे बनता है तबाही मचाने वाला चक्रवाती तूफान? क्यों दिया गया अनमोल उपहार ‘dana’ नाम 3

चक्रवाती तूफान भारत और इसके आसपास के इलाकों में तूफान के नाम से जाना जाता है, जबकि अमेरिका जैसे देशों में इसे टाइफून कहा जाता है. चक्रवाती तूफान दरअसल समुद्र में आने वाला तूफान है और यह तब आता है जब समुद्र का पानी गर्म हो जाता है और गर्म हवा ऊपर उठने लगती है. समुद्र की सतह पर जब गर्म हवाएं जमा हो जाती है तो वह चक्रवाती तूफान का कारण बनती है. हवा जब गर्म हो जाती है तो कम दबाव का क्षेत्र बनाता है. गर्म हवा ऊपर जाती है और जिसकी वजह से वहां बादलों का निर्माण होता है और गर्म हवा की जगह को भरने के लिए ठंडी हवा नीचे की ओर आती है. जब यह चक्र तेजी से चलता है तो बिजली चमकती है और तेज हवा के साथ बारिश होती है. हवाओं के घूमने का चक्र कई बार हजारों किलोमीटर तक का होता है. हवाओं के घूमने का यह चक्र इतनी तेजी से चलता है कि एक गोलाकार बनता है जिसके केंद्र में कम दबाव का क्षेत्र रहता है.

Also Read : पीवीसी पाइप के कारोबार से बीजेपी के रणनीतिकार तक, जानें कैसा रहा है अमित शाह का सफर

गलवान घाटी में चीन की हिमाकत से शुरू हुआ विवाद खत्म, ड्रैगन को समझ आई भारत की ताकत

चक्रवाती तूफान का नाम दाना किसने दिया?

चक्रवाती तूफानों के नामकरण की जिम्मेदारी विश्व मौसम विज्ञान संगठन की है. बंगाल की खाड़ी में बने दाना चक्रवात का नाम सऊदी अरब ने किया है. दाना नाम अरबी भाषा से लिया गया है जिसका हिंदी में अर्थ है अनमोल उपहार या उदारता. चक्रवातों का नामकरण इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जाता है. साथ ही इससे चेतावनी जारी करने और उसके बारे में लोगों को बताने में भी आसानी होती है. 2004 से चक्रवाती तूफानों को नाम देने की परंपरा शुरू हुई है उस वक्त आठ देश इस पैनल में शामिल थे, आगे चलकर इसमें पांच और देश जुड़ गए हैं जो बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में उठने वाले चक्रवातों का नामकरण करते हैं. यहां शर्त यह है कि नाम रिपीट नहीं किए जाएंगे और हर बार तूफान का नाम अलग होगा.

दाना का क्या होगा असर?

चक्रवाती तूफान दाना के भयंकर रूप को देखते हुए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है. बंगाल और ओडिशा में स्कूलों को बंद कर दिया गया है और कई ट्रेनें भी रद्द कर दी गई हैं. चक्रवात के प्रभाव से भारी बारिश होगी इसलिए मौसम विभाग ने रेड, आॅरेंज और येलो अलर्ट जारी कर दिया है. बंगाल और ओडिशा के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां खतरा सबसे अधिक है. मछुआरों को समुद्र में ना जाने की सलाह दी गई है साथ ही आम लोगों को भी सावधानी बरतने और घर पर रहने की सलाह दी गई है. एनडीआरएफ की टीम भी मुस्तैद है.

Also Read : झारखंड की 31 विधानसभा सीटों पर महिला वोटर्स पुरुषों से ज्यादा, जानिए कैसे लुभा रही हैं पार्टियां

https://www.youtube.com/watch?v=KFM3iv0hwjc
Previous article बायजू रवींद्रन पर सुपर संकट, बीसीसीआई मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पलटा एनसीएलटी का फैसला
Next article Train News : 24 और 25 अक्तूबर को कई ट्रेनें रहेंगी रद्द, यहां जानें पूरा अपडेट
Avatar Of Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel