[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Prabhat Khabar Special क्या कैंसिल हो जाएगा चैंपियंस ट्रॉफी 2025, पाकिस्तान के रवैए ने बढ़ाई परेशानी

क्या कैंसिल हो जाएगा चैंपियंस ट्रॉफी 2025, पाकिस्तान के रवैए ने बढ़ाई परेशानी

0
क्या कैंसिल हो जाएगा चैंपियंस ट्रॉफी 2025, पाकिस्तान के रवैए ने बढ़ाई परेशानी
Champions Trophy 2025

Champions trophy 2025 : चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के शेड्‌यूल को लेकर अबतक कोई फैसला नहीं हुआ है और भारत-पाकिस्तान के बीच वेन्यू के टकराव की वजह से फैंस की टेंशन बढ़ी हुई है. आईसीसी चैपियंस ट्रॉफी को मिनी वर्ल्ड कप भी कहा जाता है. इसमें आईसीसी के सभी 12 पूर्णकालिक सदस्य हिस्सा लेंगे. लेकिन अबतक इस टूनार्मेंट का ना तो शेड्‌यूल तय हुआ है और ना ही यह तय हुआ है कि ट्रॉफी के मैच कहां खेले जाएंगे.


चैंपियंस ट्रॉफी 2025 को लेकर क्या है विवाद?

चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का मेजबान देश पाकिस्तान है, जो वर्तमान में इस ट्रॉफी का चैंपियन भी है. विवाद यह है कि भारत, पाकिस्तान जाकर क्रिकेट नहीं खेलता है, क्योंकि भारत ने पाकिस्तान के साथ सभी तरह के खेल संबंध तोड़ दिए हैं, जिसकी वजह राजनीतिक है. पाकिस्तान ने भारत में जिस तरह आतंकवादी घटनाओं को बढ़ावा दिया है, उसकी वजह से भारत सरकार भारतीय क्रिकेट टीम को पाकिस्तान जाकर खेलने की इजाजत नहीं देती है. इसी वजह से भारतीय टीम पाकिस्तान नहीं जा रही है और हाइब्रिड माॅडल में मैच कराने की बात कही जा रही है, लेकिन पाकिस्तान इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं है.


क्या है हाइब्रिड मॉडल

क्रिकेट में हाइब्रिड मॉडल का अर्थ यह है कि उन देशों के मैच जो पाकिस्तान या किसी अन्य देश में जाकर नहीं खेलना चाहते हैं, उनके लिए किसी निकटतम तटस्थ देश में मैच का आयोजन करना. 2023 में एशिया कप के दौरान पीसीबी की ओर से इन मॉडल की पेशकश की गई थी और भारत ने श्रीलंका में मैच खेले थे. चैंपियंस ट्राॅफी में भारत के मैच यूएई में कराने की बात हो रही है. लेकिन पाकिस्तान यह कह रहा है कि उसके खिलाड़ी भारत जाकर मैच खेल सकते हैं, तो भारत क्यों नहीं उनके देश आएगा. जबकि भारत ने सुरक्षा कारणों से वहां जाने से मना कर दिया है.

Also Read : Assisted Dying Bill : अब मांगने से मिलेगी मौत, सांसदों ने उठाया ऐतिहासिक कदम

विभिन्न विषयों पर एक्सप्लेनर पढ़ने के लिए क्लिक करें


कब हुई थी चैंपियंस ट्रॉफी की शुरुआत

Copy Of Add A Heading 2024 11 30T185319.903
भारत ने 2013 में धोनी की कप्तानी में खिताब जीता था

चैंपियंस ट्रॉफी क्रिकेट का बहुत पुराना टूर्नामेंट नहीं है. इसकी शुरुआत 1998 में की गई थी. इस टूर्नामेंट का उद्देश्य उन देशों में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए धन इकट्ठा करना था, जो क्रिकेट कम खेलते हैं. चैंपियंस ट्रॉफी का फॉर्मेट आईसीसी के विश्वकप जैसा रखा गया है और इसे ओडीआई के फॉर्मेट में खेला जाता है. 2025 से पहले इस टूर्नामेंट में आठ टीम हिस्सा लेती थी लेकिन इस बार12 टीम हिस्सा ले रही है. भारत ने 2013 में धोनी की कप्तानी में टूर्नामेंट जीता था, जबकि 2002 में वह श्रीलंका के साथ विजेता बना था.


2017 के बाद 7 साल तक क्यों नहीं खेला गया चैंपियंस ट्रॉफी

चैंपियंस ट्रॉफी आयोजन के वक्त से ही विवादों में रहा है. इसे और पुख्ता किया था भारत के पूर्व क्रिकेट रवि शास्त्री ने. रवि शास्त्री ने यह कहा था कि चूंकि चैंपियंस ट्रॉफी काफी कुछ वर्ल्ड कप से मिलता-जुलता है इसलिए इसका आयोजन नहीं किया जाना चाहिए. उनका तर्क यह था कि चैंपियंस ट्रॉफी की वजह से विश्वकप का महत्व कम होगा. आईसीसी के पास पहले से ही कई टूर्नामेंट हैं और एक की जरूरत नहीं है. इस बयान के बाद यह विवाद बढ़ गया था और आईसीसी ने इसके आयोजन से हाथ खींच भी लिए थे, लेकिन अब एक बार फिर आईसीसी इसका आयोजन कर रहा है. वजह साफ है कि आईसीसी को अपना कारोबार और मजबूत करना है.


भारत के बिना नहीं खेला जा सकता है चैंपियंस ट्रॉफी

चैंपियंस ट्रॉफी के लिए भारत बहुत अहम है क्योंकि भारत की वजह से आईसीसी को काफी मुनाफा होगा. अगर भारत चैंपियंस ट्रॉफी का हिस्सा नहीं होगा, तो आईसीसी को काफी नुकसान हो सकता है, यही कारण है कि आईसीसी पीसीबी से यह कह रहा है कि वह चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन हाइब्रिड मॉडल में करे, ताकि भारत भी इस टूर्नामेंट का हिस्सा रहे.

Also Read : इंदिरा की कसावु साड़ी में उनकी छवि बनकर संसद पहुंचीं प्रियंका गांधी, क्या उसी तरह राजनीति भी कर पाएंगी?

चैंपियंस ट्रॉफी के विजेताओं की सूची

वर्षमेजबानविजेता उपविजेता
1998BangladeshSouth AfricaWest Indies
2000KenyaNew ZealandIndia
2002Sri LankaSri Lanka and India None
2004EnglandWest IndiesEngland
2006IndiaAustraliaWest Indies
2009South AfricaAustraliaNew Zealand
2013England and WalesIndiaEngland
2017England and WalesPakistanIndia
Previous article Deoghar news : असामाजिक तत्वों ने तोड़ा शिलापट्ट
Next article Gaya News : एड्स जागरूकता पर छात्राओं ने बनाये पोस्टर
Avatar Of Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel