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‘उड़ान’ को पंख

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‘उड़ान’ को पंख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, फोटो- पीटीआई

Jewar Airport: हाल ही में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 28,840 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना-उड़ान की संशोधित योजना को मंजूरी देने तथा प्रधानमंत्री द्वारा उत्तर प्रदेश में नोएडा के पास जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करने में एक चीज समान है. दोनों देश में नागरिक उड्डयन को मजबूती देने की सरकार के इरादों के बारे में बताती हैं. पांच चरणों में विकसित होने वाले जेवर हवाई अड्डे के पहले चरण का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. इस एयरपोर्ट पर 3,900 मीटर लंबा रनवे, आधुनिक नेविगेशन सिस्टम और ऑल-वेदर ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है और इसके पहले चरण में सालाना करीब 1.2 करोड़ यात्रियों के आवागमन की क्षमता होगी, जिसे आगे बढ़ाया जायेगा.

जेवर हवाई अड्डे का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने ठीक ही याद दिलाया कि 2014 से पहले तक देश में सिर्फ 74 एयरपोर्ट थे, जबकि आज 160 से अधिक हवाई अड्डे हैं और छोटे-छोटे शहरों में भी हवाई कनेक्टिविटी पहुंच रही है. गौरतलब है कि अक्तूबर, 2016 में मोदी सरकार ने महत्वाकांक्षी उड़ान योजना शुरू की थी, जिसके तहत 28 फरवरी, 2026 तक 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्टों और वाटर एयरोड्रॉम पर 663 मार्ग चालू किये जा चुके हैं. अब तक 341 लाख से अधिक उड़ानें संचालित की गयी हैं और 1.62 करोड़ यात्रियों ने सस्ती दरों पर हवाई यात्रा का लाभ उठाया है.

इसी योजना को सरकार ने अब आगे बढ़ाने की मंजूरी दी है. यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक दस वर्षों के लिए लागू की जायेगी. इस योजना के जरिये कम सेवा प्राप्त और सेवा से वंचित क्षेत्रों में हवाई संपर्क बेहतर होगा, साथ ही, टियर-2 और टियर-3 शहरों में आर्थिक विकास, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा आम नागरिकों के लिए सस्ती हवाई यात्रा को बढ़ावा दिया जायेगा. दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में इस योजना से आपातकालीन सेवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी. साथ ही, क्षेत्रीय हवाई अड्डों और एयरलाइन ऑपरेटरों की व्यवहार्यता और स्थिरता भी बढ़ेगी.

संशोधित योजना के तहत 100 नये हवाई अड्डों को विकसित करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए अगले आठ वर्षों में 12,159 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. यह कदम ‘विकसित भारत-2047’ के विजन के अनुरूप भारत को वैश्विक विमानन केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. संशोधित उड़ान योजना न केवल कनेक्टिविटी बढ़ायेगी, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन सुविधाएं भी मजबूत करेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को नया आयाम मिलेगा.

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