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नीतीश रेड्डी का ऐतिहासिक शतक

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नीतीश रेड्डी का ऐतिहासिक शतक
नीतीश रेड्डी

Nitish Reddy : टेस्ट क्रिकेट में लगाया गया हर शतक महत्वपूर्ण होता है, लेकिन मेलबर्न में बोर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के चौथे टेस्ट के तीसरे दिन युवा भारतीय ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी के रोमांचकारी शतक ने मैदान और मैदान के बाहर भी खेल देख रहे हर क्रिकेटप्रेमी का दिल जीत लिया. तथ्य यह है कि ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर सिर्फ सचिन तेंदुलकर और ऋषभ पंत ने ही नीतीश रेड्डी से कम उम्र में शतक लगाया है.

ऑस्ट्रेलिया में आठवें नंबर पर शतक लगाने वाले नीतीश पहले भारतीय तो खैर हैं ही, अगर वह पांच रन और बना लेते, तो ऑस्ट्रेलिया में आठवें नंबर पर सर्वोच्च रन बनाने की उपलब्धि भी उनकी झोली में होती. हालांकि चौथे दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया की आखिरी जोड़ी नाथन लियोन और स्कॉट बोलैंड ने 333 रनों की लीड लेकर भारत की मुश्किलें बढ़ा दी है और मैच किसी भी तरफ जा सकता है. लेकिन यह याद रखना चाहिए कि प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच 114 रनों की धैर्यपूर्ण पारी से नीतीश ने न सिर्फ भारतीय टीम को फॉलोऑन की शर्म से बचा लिया, बल्कि ऑस्ट्रेलिया की उम्मीदों को भी जोरदार झटका दिया.

सुनील गावस्कर जैसे दिग्गज क्रिकेटर तक का मानना है कि नीतीश रेड्डी का यह शतक भारतीय क्रिकेट इतिहास के महानतम शतकों में से एक है. जबकि नीतीश रेड्डी बल्लेबाजी करने के लिए जब मैदान में उतरे थे, तब टीम इंडिया के आधे खिलाड़ी 157 रन पर पैवेलियन लौट चुके थे और खुद उन पर भीषण दबाव था. इतना ही नहीं, जब वह 99 रन पर पहुंचे थे, तब टीम इंडिया का नौवां विकेट गिर चुका था. यही कारण है कि स्कॉट बोलैंड की गेंद पर मिड ऑन के ऊपर से चौका जड़कर शतक पूरा करने के बाद नीतीश ने जब पिच पर बाहुबली वाले अनूठे अंदाज में अपनी खुशी का इजहार किया, तब स्टैंड में बैठे उनके पिता की आंखों में भी खुशी के आंसू थे. उसके बाद बारिश की वजह से दिन का खेल जैसे ही खत्म हुआ, मैदान में मौजूद हजारों दर्शकों ने नीतीश के मां-पिता और बहन को बधाई देने के लिए घेर लिया था.

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के निवर्तमान सीइओ निक हॉकले ने भी मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर नीतीश के शतक पर दर्शकों की प्रतिक्रिया पर टिप्पणी करते हुए यह कहा कि मैंने जीवन में यहां इतना शोर कभी नहीं सुना. याद रखना चाहिए कि ऐसी दीवानगी उस नये-नवेले खिलाड़ी के प्रति दिखायी पड़ी, जिसके बॉर्डर-गावस्कर सीरीज के लिए हुए चयन पर ही सवाल उठे थे. लेकिन इस सीरीज के चार टेस्ट मैच की सात पारियों में से चार में टीम की तरफ से सर्वोच्च रन बनाकर नीतीश रेड्डी ने अपनी काबिलियत साबित की है. जिस कौशल और आत्मविश्वास का परिचय उन्होंने कैरियर की शुरुआत में दिखाया है, उससे उनके भारतीय टीम में एक शानदार ऑलराउंडर के रूप में उभरने की संभावना बनती है.

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