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चीन के वायरस से चिंता

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चीन के वायरस से चिंता
एचएमपीवी वायरस

HMPV Virus : करीब पांच साल पहले जिस चीन से कोविड महामारी की शुरुआत हुई थी, वहीं से अब एचएमपीवी वायरस के फैलने से भारत समेत दुनियाभर में चिंता और आशंका का माहौल है. इस वायरस के कारण व्यक्ति में सर्दी, जुकाम और कोविड-19 जैसे लक्षण दिख रहे हैं. यह वायरस तेजी से तो फैल ही रहा है, इस वायरस के असर में आने वाले ज्यादातर 14 साल से कम उम्र के बच्चे हैं.

हालांकि कहा जा रहा है कि इस मौसम में एचएमपीवी वायरस का उभार सामान्य मामला है. लेकिन दूसरी ओर, यह जानकारी बेहद चिंताजनक है कि चीन में दिसंबर के तीसरे सप्ताह में सांस की बीमारी से परेशान लोगों की संख्या में तेजी से वृद्धि देखी गयी. श्वसन तंत्र को प्रभावित करने वाले इस वायरस को बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों के लिए घातक बताया गया है. देश की कई जगहों में छोटे बच्चे इसकी चपेट में आये हैं. स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय ने आश्वस्त करते हुए कहा है कि डरने की कोई बात नहीं है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह बहुत गंभीर रोग वाला वायरस नहीं है और इससे संक्रमित होने वाले ज्यादातर लोगों में फ्लू जैसे लक्षण होते हैं.

विशेषज्ञों के मुताबिक, इसके इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत भी नहीं पड़ती. विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्व मुख्य वैज्ञानिक डॉ सौम्या स्वामीनाथन का भी कहना है कि इस नये वायरस से डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह कोई नया वायरस नहीं है और सर्दी-जुकाम की स्थिति में मास्क पहनने, हाथ धोने, भीड़-भाड़ से परहेज करने और फ्लू जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है. सरकार का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और स्वास्थ्य मंत्रालय देश में इस वायरस के फैलाव की मॉनिटरिंग कर रहा है. उसने राज्य सरकारों से इस मामले में सतर्क रहते हुए एहतियाती कदम उठाने के लिए तो कहा ही है, विश्व स्वास्थ्य संगठन से चीन में इस वायरस के प्रसार से संबंधित जानकारी साझा करने के लिए भी कहा है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, एचएमपीवी वायरस की पहली बार पहचान 2001 में हुई थी और वर्षों से यह वायरस दुनियाभर में फैल रहा है. एचएमपीवी को लेकर बढ़ रही चिंता के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ वर्चुअल बैठक की और इससे बचने के उपायों के प्रति जनता को जागरूक करने के लिए कहा. जाहिर है, कोविड महामारी के बाद एक बार फिर जागरूकता की जरूरत है.

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