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बचाव ही उपाय

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बचाव ही उपाय

ब्रिटेन में कोविड-19 वायरस के नये रूप के संक्रमण ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है. वैक्सीन के आने से उम्मीद की जा रही थी कि नये साल में कोरोना संकट को काबू में कर लिया जायेगा, लेकिन अब लगता है कि महामारी से लड़ाई अभी जारी रहेगी. भारत समेत कई देशों ने इस कारण ब्रिटेन से अपनी हवाई सेवाएं स्थगित कर दी हैं.

ब्रिटेन से भारत आनेवाले बीस यात्री अभी तक संक्रमित पाये गये हैं तथा बीते कुछ दिनों में आये सभी यात्रियों की जांच करने की कोशिश हो रही है. विभिन्न शहरों और हवाई अड्डों पर भी विशेष व्यवस्था की गयी है. हालांकि अभी तक भारत में इस नये वायरस के आने की पुष्टि नहीं की गयी है, लेकिन इसके अनेक देशों में पाये जाने की वजह से लगातार निगरानी रखी जा रही है.

जानकारों के मुताबिक, कोविड-19 के इस नये स्ट्रेन में 17 बार बदलाव हुआ है तथा यह पूर्ववर्ती वायरस से 70 प्रतिशत अधिक संक्रामक है. अभी तक यह माना जा रहा है कि नये वायरस के संक्रमण का मृत्यु दर पर असर नहीं पड़ा है तथा भारत और अन्य देशों में विकसित की जा रही वैक्सीनों की क्षमता भी इससे प्रभावित नहीं होगी. किंतु यह शुरुआती अनुमान ही है और हमें पुख्ता जानकारी के लिए कुछ देर इंतजार करना होगा.

संतोष की बात है कि भारत में वायरस के कई नमूनों पर पहले से ही शोध हो रहा है और हमारे विशेषज्ञों के पास इस बारे में काफी जानकारी है. यदि भारत में वायरस अपने नये रूप में आता है, तो उसकी तुरंत पहचान की जा सकेगी. बीते दस महीने में लोगों को भी सतर्कता बरतने और बचाव के उपायों का समुचित अनुभव हो चुका है तथा अभी भी लंबे समय तक मास्क लगाने, सैनिटाइजर इस्तेमाल करने तथा शारीरिक दूरी का ध्यान रखने की जरूरत है. नये वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए भी इन्हीं उपायों पर अमल करना है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर वरिष्ठ विशेषज्ञों द्वारा लगातार कहा जाता रहा है कि जब तक आबादी के बड़े हिस्से को टीका नहीं लग जाता है, तब तक किसी भी तरह की लापरवाही हमें मुश्किल में डाल सकती है. अक्सर देखा गया है कि संक्रमण फैलने का मुख्य कारण असावधानी है. सरकारों और चिकित्सकों के प्रयास से हमारे देश में कोरोना संक्रमण की दर बहुत नीचे आ गयी है तथा संक्रमित लोग भी तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं.

यदि हमने गंभीरता से नियमों और निर्देशों का पालन करना जारी रखा, तो वायरस के किसी भी रूप से हम अपना बचाव कर सकते हैं. हमें यह ध्यान रखना होगा कि वायरस अपने नये रूप में कहीं भी पनप सकता है या उसकी मौजूदगी पहले से भी हो सकती है. इसलिए हम सभी को विशेषज्ञों और चिकित्सकों पर भरोसा रखते हुए उनके निर्देशों के अनुरूप व्यवहार करना है.

हमारे देश में कोरोना संक्रमण की दर बहुत नीचे आ गयी है तथा संक्रमित लोग भी तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं. यदि हमने गंभीरता से नियमों और निर्देशों का पालन करना जारी रखा, तो वायरस के किसी भी रूप से हम अपना बचाव कर सकते हैं.

Posted By : Sameer Oraon

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