[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home Opinion पांच पैसे किलो प्याज!

पांच पैसे किलो प्याज!

0

आलोक पुराणिक

वरिष्ठ व्यंग्यकार

puranika@gmail.com

एक चालू खबरिया चैनल पर प्याज पर विमर्श हो रहा है. एंकर पूछ रहा है- प्याज कब तक आंसू निकालेगा, सरकार कुछ करती क्यों नहीं?

सरकार वाली पार्टी का प्रवक्ता जवाब देता है- मोदी जी के नेतृत्व में देश नयी ऊंचाई छू रहा है. प्याज भी नयी ऊंचाई छू रहा है.

विपक्षी पार्टी प्रवक्ता- पर इसमें गौरव की बात नहीं है. प्याज को नीचे आना होगा. नेहरूजी के वक्त प्याज पांच पैसे किलो बिकता था. वही वक्त था ठीक अब तो सब तबाह है.

एंकर- हमारे साथ हैं इस मसले पर कुछ और खास मेहमान हैं. आप हैं तर्कशास्त्री टी रॉय और तांत्रिक झमझूमा दास और प्याज ज्योतिषी त्रि-प्याजदर्शी.

नेतागण गुस्से में एंकर से- ज्योतिष तंत्र क्या करेंगे प्याज में? आपने इन्हें क्यों बुलाया?

एंकर- करने को तो जी आप भी कुछ न कर पा रहे हो. प्याज के भावों पर आपको उस सालों से बुला रहा हूं. जी, तांत्रिक झमझूमा दास, बताएं प्याज को नीचे कैसे लाएं?

तांत्रिक- मैं बहुत भूतों को नीचे ला चुका हूं. पर प्याज बहुत विकट वाले भूत का भी बाप है. मुश्किल है.

एंकर- कमाल है! आप ज्ञानी हैं, कुछ तुक की बात करें?

तांत्रिक- ज्ञानियों पर ही यह बंदिश क्यों है कि वे तुक की बातें करें. नेताओं को नहीं कहते कि वे तुक की बात करें.

एंकर- देखिए, नेताओं को कुछ और कामों के लिए बुलाते हैं. ज्ञानियों को कुछ और काम के लिए बुलाते हैं. सब तुक की ही बातें करेंगे, तो हमारे दर्शन बोर हो जायेंगे. हां तो त्रि-प्याजदर्शी, आप बताएं कि क्या करना चाहिए?

त्रि-प्याजदर्शी- हूंम् फट-फट… प्याज-प्याज-प्याज… बवाल तू सवाल तू धमाल तू. हूंम् फट-फट…

एंकर- मैं सरकार का पक्ष जानना चाहूंगा कि प्याज के भाव नियंत्रण में नहीं आ रहे. सरकार क्या कर सकती है?

सरकारी दल का प्रवक्ता- जब विपक्षी पार्टी की सरकार थी, तब प्याज के भाव एक दिन में 123 प्रतिशत बढ़े थे. हमारी सरकार में एक दिन में सिर्फ 122 प्रतिशत बढ़े हैं.

विपक्षी दल का नेता- इनके पास बताने के लिए कुछ भी नहीं है. मेरी राय में संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में प्याज आयोग बनाया जाये, जो चेक करे कि यहां प्याज के भाव क्यों बढ़े.

सरकारी दल का प्रवक्ता- इनके पास किसी मसले का हल न होता. हर बात के लिए संयुक्त राष्ट्र जाना होता है. इन्हीं की वजह से कश्मीर का हमारा केस खराब हुआ था.

एंकर- आप कश्मीर और प्याज की बातों को मिला कर फिजूल की बात क्यों कर रहे हैं? हां जी त्रि-प्याजदर्शी.

त्रि-प्याजदर्शी- शनि राहु के साथ है. राहु बुध के साथ है. बुध शुक्र के साथ है. इसका मतलब यह हुआ कि…

एंकर- आप बस इतना बताएं कि पब्लिक के लिए प्याज सस्ता कब होगी?

सब मेहमान तेजी से स्टूडियो से बाहर भाग गये. इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं है.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel