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Home Opinion मेधा की दुनिया में चमकते सितारे थे वशिष्ठ : हरिवंश

मेधा की दुनिया में चमकते सितारे थे वशिष्ठ : हरिवंश

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मेधा की दुनिया में चमकते सितारे थे वशिष्ठ : हरिवंश

नयी दिल्ली : लंबे समय से बीमार चल रहे मशहूर गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के निधन पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने गहरा शोक जताया है. अपने शोक संदेश में उन्होंने कहा है कि वशिष्ठ नारायण सिंह अद्भुत प्रतिभाशाली व्यक्ति थे.ज्ञान और मेधा की दुनिया में भारत की ओर से वे एक चमकते सितारे थे. उनके निधन से वह सितारा अस्त हो गया. पर, गणित की दुनिया में किये गये अपने मौलिक काम की वजह से वह हमेशा ज्ञान की दुनिया में अमर रहेंगे.

हरिवंश ने वशिष्ठ बाबू को याद करते हुए कहा कि पत्रकारिता करते हुए वह जिस अखबार में काम करते थे, उस अखबार के जरिये वशिष्ठ बाबू पर विशेष सामग्री का प्रकाशन कई बार किये-करवाये थे. यही नहीं जब उनकी तबियत खराब हुई थी तो इलाज के सहयोग के लिए नागरिकों से आर्थिक सहयोग करने का आह्वान भी किया, अभियान भी चलाये थे, जिसका असर हुआ था और लोगों ने सहयोग किया था.
उपसभापति ने कहा कि पिछले दो-तीन दशक से अस्वस्थ होने के बाद वह अपने गांव भोजपुर के बसंतपुर या पटना में रहते थे, तो उसी पर ज्यादा बात होती रही या उनकी बीमारी आदि का प्रसंग ही ज्यादा चर्चा में आता रहा. लेकिन, अब जब वह नहीं हैं तो उनके व्यक्तित्व को समग्रता में जानने की जरूरत है. वशिष्ठ बाबू ने बर्कले के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से 1969 में गणित में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की थी.
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