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Home Opinion इश्तिहार में दर्ज हो ”शर्तें लागू”

इश्तिहार में दर्ज हो ”शर्तें लागू”

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puranika@gmail.com

थोड़ा सा हिल गया मैं, एक वरिष्ठ बल्लेबाज को अगरबत्ती के इश्तिहार में देखकर. वह बल्लेबाज जो बता रहे थे, उसका आशय था कि आशीर्वाद का, भगवत कृपा का घणा योगदान होता है. भारत की क्रिकेट टीम इंग्लैंड में दो टेस्ट मैच हार चुकी है. और एक टेस्ट तो ऐसे हारी, जिसे राजनीतिक भाषा में जमानत जब्त कह सकते हैं.

उधर वरिष्ठ बल्लेबाज भगवत कृपा और आशीर्वाद के सहारे झूल रहे हैं. इधर कुछ सवाल उठ रहे हैं मन में.

विराट कोहली मोटरसाइकिल से लेकर गोरा बनानेवाली क्रीम तक के इश्तिहार करते हैं. इन इश्तिहारों का आशय होता है कि उन विज्ञापित ब्रांडों के सहारे ही विराट कोहली का खेल चकाचक चलता है.

ओ भाई, फिर टेस्ट में क्यों हार रहे हैं. अगर वह गोरा बनानेवाली क्रीम हमारे खिलाड़ियों को बेहतर बना रही है, तो इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैचों में यह क्या हो रहा है. अगर वह पिज्जा खाकर ही हमारे प्लेयर चुस्त-दुरुस्त खेल सकते हैं, तो फिर इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैचों में यह क्या हो रहा है.

या तो पिज्जा के इश्तिहार में दर्ज किया जाये- शर्तें लागू, या लिखा जाये कि पिज्जा अगर भारतवर्ष में खाया जायेगा और मैच आईपीएल का होगा, तो ही इस पिज्जा के कारगर परिणाम आयेंगे. पर इंग्लैंड जाते ही यह पिज्जा रिजल्ट ना दिखायेगा. अगर इंग्लैंड जाकर हमारी टीम टेस्ट मैच हार जाये, तो इसमें पिज्जा की जिम्मेदारी ना होगी. शर्तें लागू हैं कि पिज्जा का परफाॅरमेंस सिर्फ इंडिया तक सीमित है. वैसे पिज्जा बनानेवाली कंपनी अमेरिकन है.

अमेरिका में क्रिकेट खेला ही नहीं जाता. तो हे अमेरिकन पिज्जावालों, काहे को ऐसे गेम की परफाॅरमेंस की गारंटी लेते हो, जो अमेरिका में खेला ही नहीं जाता. भारत में खेलों की गारंटी तो भगवत कृपा और आशीर्वाद पर डाली जा सकती है.

मेरा निवेदन वरिष्ठ खिलाड़ियों से है कि कोई भी इश्तिहार करते समय देख लें कि इसका संदेश क्या जायेगा. जब टीम को साॅलिड परफाॅरमेंस की जरूरत है, तब वरिष्ठ बल्लेबाज अगरबत्ती के जरिये आशीर्वाद का माहात्म्य बता रहे हैं.

इश्तिहारों से, ब्रांडों से कोई क्या-क्या उम्मीद बांध लेता है. विराट कोहली कपड़ों के एक ब्रांड का इश्तिहार करते हैं. हम समझते रहे कि इस ब्रांड के कपड़े पहनकर कोई भी बंदा टेस्ट, वनडे, ट्वेंटी-ट्वेंटी और आइपीएल मैच बढ़िया खेल सकता है. उसके कपड़े बहुत महंगे आते हैं, इसलिए हमारी खरीदने की हिम्मत ना पड़ी. पर समझते रहे कि विराट कोहली उस ब्रांड के कपड़ों के बूते ही हर मैच में धमाल मचा रहे हैं.

अब समझ में आया कि विराट उस ब्रांड के कपड़े पहनकर आइपीएल में, ट्वेंटी-ट्वेंटी में और वनडे में तो धमाल मचा सकते हैं, पर टेस्ट में उस ब्रांड के कपड़े काम नहीं आते. शर्तें लागू काॅलम के तहत बताया जाना चाहिए कि यह ब्रांड टेस्ट मैचों में कारगर परिणाम नहीं देता. यह भी साफ कर देना चाहिए कि इस ब्रांड के कपड़े इंडियन स्टाइल के हैं, इसलिए इंडिया में रिजल्ट देंगे, पर ब्रिटेन में इनसे परिणाम की उम्मीद ना करें.

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