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World Lion Day: बरदा अभयारण्य बनेगा शेरों के संरक्षण का केंद्र

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World Lion Day: बरदा अभयारण्य बनेगा शेरों के संरक्षण का केंद्र

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और गुजरात सरकार के वन एवं पर्यावरण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 10 अगस्त को विश्व शेर दिवस 2025 का मुख्य समारोह देवभूमि द्वारका जिले के बरदा वन्यजीव अभयारण्य में आयोजित होगा. वर्ल्ड लायन डे जंगल के ‘राजा’ के सम्मान और संरक्षण का दिन है. हर साल 10 अगस्त को पूरी दुनिया वर्ल्ड लायन डे मनाती है. इसका उद्देश्य शेरों के संरक्षण, सुरक्षा और उनके महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करना, घटती शेरों की आबादी पर वैश्विक ध्यान आकर्षित करना, प्राकृतिक आवास की रक्षा करना और इसके संरक्षण के लिए सरकारों, संगठनों और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है. गुजरात में पाए जाने वाले एशियाई शेर सौराष्ट्र क्षेत्र की अद्वितीय पारिस्थितिकी और सांस्कृतिक धरोहर हैं. 

शेरों की आबादी में 32 फीसदी की वृद्धि

गुजरात में शेरों की संख्या 2020 में 674 थी, जो अब बढ़कर मई 2025 में 891 हो गई है. सौराष्ट्र के 11 जिलों में ये शेर लगभग 35,000 वर्ग किलोमीटर में स्वतंत्र रूप से विचरण करते हैं. 192.31 वर्ग किलोमीटर में फैला बरदा अभयारण्य पोरबंदर और देवभूमि द्वारका जिलों में स्थित है. 2023 में शेरों के प्राकृतिक प्रवास के बाद यहां इनकी संख्या 17 (6 वयस्क, 11 शावक) हो गई है. यह क्षेत्र जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण और पर्यटन की दृष्टि से संभावनाओं से भरपूर है. इसे एशियाई शेरों का दूसरा घर भी कहा जाता है.

सफारी पार्क विकसित करने की योजना

समारोह के दौरान लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत वाले विभिन्न वन्य जीव संरक्षण कार्यों की शुरुआत होगी.राज्य सरकार यहां 248 हेक्टेयर में सफारी पार्क विकसित करने की योजना बना रही है. इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों की वर्चुअल भागीदारी भी रहेगी. ग्रेटर गिर लायन लैंडस्केप के 11 जिलों के लाखों विद्यार्थी उपग्रह संचार के माध्यम से इस आयोजन से जुड़ेंगे. वर्ष 2024 में ऐसे कार्यक्रम में 18.63 लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया था. कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित राज्य के वन मंत्री मुलुभाई बेरा, सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. 

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