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Home National Watch Video : मुर्शिदाबाद हिंसा पर टीएमसी नेता का विवादित बयान

Watch Video : मुर्शिदाबाद हिंसा पर टीएमसी नेता का विवादित बयान

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Watch Video : मुर्शिदाबाद हिंसा पर टीएमसी नेता का विवादित बयान
TMC leader Madan Mitra

Watch Video : मुर्शिदाबाद हिंसा पर टीएमसी नेता मदन मित्रा ने कहा, “यह हिंसा पूरे देश में हुई, केवल बंगाल में नहीं. इस स्थिति के लिए केंद्र जिम्मेदार है. केंद्र ने वक्फ अधिनियम को जबरन लागू किया. देश में हुई सभी हिंसा के लिए पीएम मोदी, अमित शाह और सीएम योगी जिम्मेदार होंगे.” पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन से जुड़ी झड़पों के बाद पिता-पुत्र सहित तीन लोगों की मौत हो गई. इसके बाद केंद्रीय गृह सचिव ने बंगाल के मुख्य सचिव, डीजीपी से बात की. देखें वीडियो

बंगाल में वक्फ से जुड़ी झड़पों में तीन की मौत

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ जारी प्रदर्शन से कथित रूप से जुड़ी हिंसक झड़पों में पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की जान चली गई. इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से घोषणा की गई कि राज्य में वक्फ (संशोधन) अधिनियम लागू नहीं किया जाएगा.

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अदालत ने सीएपीएफ की तैनाती का आदेश दिया

सुती और शमशेरगंज जैसे इलाकों में बढ़ती अशांति के बीच, कलकत्ता हाई कोर्ट ने नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की. अदालत ने प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती का आदेश दिया. न्यायमूर्ति सौमेन सेन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि जब ऐसे हालात पैदा हो जाते हैं तो न्यायालय अपनी आंखें मूंदे नहीं रह सकता. अदालत ले आम लोगों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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