[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National Waqf Bill : वक्फ विधेयक की वजह से मुस्लिमों के बीच आई दरार!

Waqf Bill : वक्फ विधेयक की वजह से मुस्लिमों के बीच आई दरार!

0
Waqf Bill : वक्फ विधेयक की वजह से मुस्लिमों के बीच आई दरार!
वक्फ विधेयक का विरोध

Waqf Bill : वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 की वजह से मुस्लिम समुदाय में क्या दरार आ गई है? दरअसल, राजस्थान के कई मुस्लिम संगठनों ने लोगों से इसका समर्थन करने वाले समाज के नेताओं से दूरी बनाए रखने की अपील की है. अजमेर दरगाह के खादिम और चिश्ती फाउंडेशन के संस्थापक सलमान चिश्ती और अजमेर दरगाह दीवान के बेटे सैयद नसीरुद्दीन ने इस विधेयक का समर्थन किया है. इन दोनों ने विधेयक को प्रगतिशील बताया है. इसकी वजह से समाज के कई संगठनों ने इनकी आलोचना की है.

खादिम सलमान चिश्ती ने हाल में प्रकाशित एक आलेख में विधेयक को मुस्लिम समुदाय के लिए प्रगतिशील बताया है. ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) की सदस्य नसीरुद्दीन यास्मीन फारूकी ने विधेयक का समर्थन करने के लिए इनकी आलोचना की है. उन्होंने कहा, ‘‘वे ऐसे विधेयक का समर्थन कर रहे हैं जो समुदाय की सामूहिक संपत्ति छीन लेगा. उन्होंने मुसलमानों के खिलाफ भेदभाव के संस्थानीकरण का समर्थन किया है। यह दाग आजीवन उनके साथ रहेगा.’’

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राजस्थान अध्यक्ष जमील खान ने कहा कि बीजेपी ने यह धारणा बनाने के लिए इनका इस्तेमाल किया कि मुस्लिम समुदाय विधेयक का समर्थन करता है. उन्होंने कहा,‘‘वास्तव में, उन्होंने निजी लाभ के लिए मुसलमानों के हित से समझौता किया है.’’ खान ने कहा कि दोनों ने केंद्र सरकार से बिना शर्त समर्थन के बदले में अपना समर्थन दिया.

यह भी पढ़ें : इधर वक्फ बिल पास, उधर JDU में बवाल! कासिम अंसारी ने छोड़ी पार्टी, सीएम को भेजा इस्तीफा 

राजस्थान मुस्लिम एलायंस के समन्वयक मोहसिन रशीद ने कहा कि समुदाय के लोगों को उन लोगों से खुद को दूर रखना चाहिए जिन्होंने समुदाय के हितों के खिलाफ जाकर इस विधेयक का समर्थन किया है. उन्होंने कहा,‘‘मुसलमान अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल सार्वजनिक रूप से काले झंडे दिखाकर करेंगे, जो अस्वीकृति का स्पष्ट संदेश देगा.’’

राजस्थान में एक मुस्लिम संगठन के वरिष्ठ सदस्य ने कहा,‘‘इनका रुख मुसलमानों के सामूहिक हित के खिलाफ है और लोग उनकी राय को खारिज कर देंगे.’’ कुछ दिन पहले अजमेर दरगाह के खादिमों या मौलवियों की प्रमुख संस्था ने भी विधेयक का समर्थन करने के लिए सलमान चिश्ती और नसरुद्दीन की आलोचना की थी. उन्हें मुसलमानों के हितों के खिलाफ काम करने वाले “नॉन-स्टेट एक्टर्स” करार दिया था.

Previous article Bihar Weather: बिहार के इन चार जिलों में आज हो सकती है बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट
Next article चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन आज हो रही है मां कालरात्रि की पूजा, पूजा विधि, मंत्र और सब कुछ
Avatar Of Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel