[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National संविधान से हटे ‘समाजवाद’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द, राजा भैया ने पूछा- क्या इंदिरा गांधी ज्यादा विद्वान थीं?

संविधान से हटे ‘समाजवाद’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द, राजा भैया ने पूछा- क्या इंदिरा गांधी ज्यादा विद्वान थीं?

0
संविधान से हटे ‘समाजवाद’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द, राजा भैया ने पूछा- क्या इंदिरा गांधी ज्यादा विद्वान थीं?
UP News

UP News: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की कुंडा सीट से विधायक और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने संविधान की प्रस्तावना को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने संविधान की प्रस्तावना से ‘समाजवाद’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द हटाने की मांग की है. दरअसल, इन दो शब्दों को लेकर समय-समय पर राजनीति होती रही है. ऐसे में एक बार फिर इस मुद्दे पर सियासत शुरू हो गई है.

‘इंदिरा गांधी की तानाशाही में जोड़े गए शब्द’

एक निजी न्यूज चैनल के पॉडकास्ट में राजा भैया ने कहा कि जब प्रस्तावना से समाजवाद और धर्मनिरपेक्ष शब्द हटेंगे तभी संविधान अपनी मूल भावना में लौटेगा. संविधान की वही प्रस्तावना रहनी चाहिए जो संविधान निर्माताओं ने बनाई थी. उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान इंदिरा गांधी ने संशोधन कर समाजवाद और धर्मनिरपेक्ष शब्द जोड़े थे, जो कि तानाशाही थी.

कांग्रेस का समाजवाद से छत्तीस का आंकड़ा- राजा भैया

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या कांग्रेस समाजवादी चाहती थी? इंदिरा गांधी ने इसे संशोधन कर किया है. उन्होंने यहां तक कह दिया कि समाजवाद से तो कांग्रेस का छत्तीस का आंकड़ा है. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश हैं, जहां राजतंत्र है, सुल्तान और तानाशाही है, वहां संविधान नहीं है. संविधान का कोई मतलब नहीं है. लेकिन जिस देश में संविधान

ज्यादा विद्वान थी इंदिरा गांधी?

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राजा भैया ने कहा कि अगर ये शब्द जरूरी थे, तो क्या इंदिरा गांधी बाबा साहब अंबेडकर या सरदार पटेल से बड़ी विद्वान थीं? संविधान सभा में मौजूद विद्वानों ने इन्हें शामिल नहीं किया था.

सनातन परंपरा की वजह से धर्मनिरपेक्ष है भारत

राजा भैया ने कहा कि भारत मूल रूप से सनातनी है और आज देश धर्मनिरपेक्ष है तो सिर्फ इसलिए कि यहां सनातन परंपरा बाहुल्य है. उन्होंने दावा किया कि हिंदुओं ने कभी मुसलमानों से अलग होने की बात नहीं कही, बल्कि पाकिस्तान जाने वालों को रोका कि भाईचारे के साथ यहीं रहिए. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए.

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel