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Home National ट्विशा शर्मा की मौत की जांच अब सीबीआई करेगी, भाई ने कहा-निष्पक्ष जांच की उम्मीद जगी

ट्विशा शर्मा की मौत की जांच अब सीबीआई करेगी, भाई ने कहा-निष्पक्ष जांच की उम्मीद जगी

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ट्विशा शर्मा की मौत की जांच अब सीबीआई करेगी, भाई ने कहा-निष्पक्ष जांच की उम्मीद जगी
ट्विशा शर्मा अपने माता-पिता के साथ

Twisha Sharma death case : भोपाल के ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच अब सीबीआई करेगी. मध्यप्रदेश सरकार ने उसके परिवार की मांग पर सीबीआई जांच की सिफारिश की है. ट्विशा शर्मा का शव 11-12 मई की रात को उसके ससुराल में फांसी से लटका मिला था.

ट्विशा के भाई ने कहा-निष्पक्ष जांच की ओर पहला कदम

ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने सीबीआई जांच की सिफारिश पर कहा कि यह एक निष्पक्ष जांच की ओर पहला कदम है जिसकी हम मांग कर रहे थे. यह एक महत्वपूर्ण डेवलपमेंट है. हम शुरू से ही निष्पक्ष जांच और न्याय के लिए लड़ रहे थे. यह हम सभी की लड़ाई है, जो भी ट्विशा से जुड़े थे, उनकी लड़ाई है. सीबीआई जांच की सिफारिश हमारी छोटी जीत है, लेकिन अभी बड़ी लड़ाई बाकी है.

ट्विशा का पति फरार

ट्विशा की मौत के बाद से उसका पति समर्थ सिंह फरार है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी की पूरी कोशिश कर रही है. भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए काम कर रहे हैं और उसकी अग्रिम जमानत रद्द करने के लिए हाई कोर्ट में याचिका भी दायर की है. फरार समर्थ सिंह ने अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट में दाखिल की है.

ट्विशा की सास के वकील एनोश जॉर्ज ने खोया आपा

सीबीआई जांच की सिफारिश की सूचना सामने आने के बाद ट्विशा की सास के वकील एनोश जॉर्ज ने कहा कि जरूर जांच होनी चाहिए. मीडिया ने जब उनसे यह सवाल पूछा कि वे ट्विशा की सास के साथ क्या उनका बयान दर्ज कराने जा रहे हैं, तो उन्होंने अपना आपा खो दिया और मीडिया पर भड़क उठे. ट्विशा की सास एक पूर्व जज हैं, उनसे भी इस केस में पूछताछ हो रही है.

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रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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