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Home National Textile: भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने पर होगा मंथन  

Textile: भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने पर होगा मंथन  

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Textile: भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने पर होगा मंथन  

Textile: कृषि के बाद कपड़ा क्षेत्र रोजगार मुहैया कराने वाला दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है. कपड़ा क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार लगातार कदम उठा रही है. कपड़ा मंत्रालय असम सरकार के सहयोग से 8-9 जनवरी को असम के गुवाहाटी में राष्ट्रीय कपड़ा मंत्रियों के सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है. सम्मेलन का थीम ‘भारत का वस्त्र उद्योग: विकास, विरासत और नवोन्मेष का संगम’ है. 


दो दिवसीय सम्मेलन का मकसद केंद्रीय और राज्य कपड़ा मंत्रियों, केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर भारत को वैश्विक कपड़ा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की समन्वित राष्ट्रीय कार्यनीति पर विचार-विमर्श करना है. सरकार की कोशिश वर्ष 2030 तक 350 अरब डॉलर के कपड़ा उद्योग को विकसित करने और 100 अरब डॉलर के कपड़ा निर्यात का लक्ष्य हासिल करना है. 


केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, वस्त्र राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा सहित अन्य गणमान्य लोग उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे. दो दिवसीय सम्मेलन में इंफ्रास्ट्रक्चर एवं निवेश, निर्यात विस्तार, प्रतिस्पर्धात्मकता, कच्चा माल एवं रेशे, टेक्निकल टेक्सटाइल सहित नये क्षेत्र, अनुसंधान एवं विकास, पारंपरिक वस्त्रों का पुनरुद्धार, और आधुनिक बाजार के लिए हथकरघा एवं हस्तशिल्प पर विशेष जोर देने वाले सत्र आयोजित होंगे. 


क्षेत्रीय कपड़ा बाजार के सशक्तिकरण पर रहेगा जोर


सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रियों और अधिकारी इस सम्मेलन में भाग लेने और विभिन्न क्षेत्रों एवं जिलों में कपड़ा मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों, चुनौतियों और नीतिगत सुझावों को साझा करेंगे. उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के वस्त्र क्षेत्र को सुदृढ़ और सशक्त बनाने की थीम पर एक सम्मेलन 8 जनवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय वस्त्र मंत्री, वस्त्र राज्य मंत्री, सभी उत्तर-पूर्वी राज्यों के राज्य मंत्री, संसद सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. 


सम्मेलन में रेशम, हथकरघा और बांस आधारित वस्त्रों, महिला-केंद्रित उद्योग को प्रोत्साहन देने और उत्तर-पूर्व के वस्त्र की ब्रांडिंग पर विशेष फोकस दिया जायेगा. जिसका मकसद क्षेत्र की अनूठी वस्त्र क्षमताओं को उजागर करना और उन्हें राष्ट्रीय एवं वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ एकीकृत करना है. डीसी हैंडलूम और डीसी हैंडीक्राफ्ट्स के कार्यालय द्वारा देश भर से भारतीय हथकरघा और हस्तशिल्प की एक विशेष प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जा रहा है.गौरतलब है कि कपड़ा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार पीएलआई योजना चला रही है. साथ ही पीएम-मित्र पार्क की भी स्थापना की जा रही है. 

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