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Syria Crisis Video : सीरिया में किसने की भारतीय नागरिक की मदद?

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Syria Crisis Video : सीरिया में किसने की भारतीय नागरिक की मदद?
सीरिया से 4 भारतीय नागरिक भारत लौटे

Syria Crisis Video : युद्ध प्रभावित सीरिया से निकाले गए 4 भारतीय नागरिक शनिवार को दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचे. इनमें से एक ने कहा,”मैं 15-20 दिन पहले वहां गया था. भारतीय दूतावास ने हमें निकाला. पहले हम लेबनान गए और फिर दोहा. हमें खुशी है कि हम अपने देश पहुंच गए हैं. भारतीय दूतावास ने हमारी बहुत मदद की. एक अन्य भारतीय नागरिक ने कहा, ”मैं पिछले 6 वर्षों से सीरिया में था. हमारी कंपनी ने हमें टिकट उपलब्ध कराए. भारतीय दूतावास ने हमारी बहुत मदद की और उन्होंने भोजन और अन्य सभी चीजें उपलब्ध कराईं.

युद्धग्रस्त सीरिया से निकाले गए एक भारतीय नागरिक ने कहा, ”हम पिछले छह महीने से सीरिया में थे. जब वहां संघर्ष शुरू हुआ, तो हमने दूतावास से संपर्क किया. उन्होंने हमारी मदद की और भोजन सहित सभी सुविधाएं प्रदान कीं. बाद में हमें लेबनान ले जाया गया और अब हम दिल्ली पहुंच गए हैं.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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