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Home National पुणे मर्डर केस में वकील आशुतोष की एंट्री, सिया के भाई साहिल पर ठोका 10 करोड़ का मुकदमा

पुणे मर्डर केस में वकील आशुतोष की एंट्री, सिया के भाई साहिल पर ठोका 10 करोड़ का मुकदमा

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पुणे मर्डर केस में वकील आशुतोष की एंट्री, सिया के भाई साहिल पर ठोका 10 करोड़ का मुकदमा
सिया का भाई साहिल (Photo: ANI)

पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया विवाद सामने आया है. वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने सिया गोयल के भाई साहिल को कानूनी नोटिस भेजते हुए आरोप लगाया है कि उनके बारे में भ्रामक और निराधार बातें कही गईं. इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है. इस मानहानि के चलते उन्होंने साहिल से 10 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है.

यह कानूनी नोटिस साहिल गोयल के उस इंटरव्यू के बाद भेजा गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि गोयल परिवार ने वकील आशुतोष श्रीवास्तव की सेवाएं नहीं ली थीं. साहिल ने यह भी शंका जताई थी कि आशुतोष श्रीवास्तव ने कथित तौर पर धोखे से सिया गोयल से कुछ कानूनी दस्तावेजों पर साइन करवाए हो सकते हैं. इसी बयान को आधार बनाकर वकील ने मानहानि की कार्रवाई शुरू की. साहिल ने इंटरव्यू इंडिया टुडे को दिया था.

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श्रीवास्तव का दावा है कि उनकी टीम ने अपनी पहल पर सिया गोयल से मुलाकात की थी. उनसे कानूनी रिप्रेजेंटेशन की सहमति भी प्राप्त की थी. 

सिया के परिवार ने कोर्ट में क्या कहा?

यह विवाद सोमवार (29 जून) को अदालत तक पहुंच गया. आशुतोष श्रीवास्तव वडगांव मावल कोर्ट में सिया गोयल की ओर से पेश हुए और उन्होंने सिया के हस्ताक्षर वाला बताया जा रहा वकालतनामा भी जमा किया. हालांकि, सुनवाई के दौरान सिया ने अदालत को बताया कि उनके वकील आशुतोष नहीं, बल्कि विपुल दुशिंग हैं. सिया के परिवार ने भी यही बात दोहराई. परिवार की ओर से कहा गया कि हमने दुशिंग को अपनी ओर से केस सौंपा है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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