Pune murder case : पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस ने नया खुलासा किया है. इस केस में गिरफ्तार सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराने से इनकार कर दिया है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, पुलिस अब महाराष्ट्र के बीड जिले के एक युवक से पूछताछ कर रही है, जिसे इस कथित साजिश की जानकारी होने का शक है.
बीड के युवक से पूछताछ
पुणे ग्रामीण पुलिस की जांच में 3 जुलाई 2026 को यह नया मोड़ सामने आया कि मुख्य आरोपी चेतन चौधरी और बीड का रहने वाला उसका क्लासमेट मई के आखिरी हफ्ते से लगातार संपर्क में थे. पुलिस को शक है कि सिया और चेतन ने कथित हत्या की योजना इस युवक के साथ साझा की थी. इतना ही नहीं, उसे 18 जून को लोहागढ़ किले पर साथ चलने का भी न्योता दिया गया था. हालांकि, युवक ने पुलिस को बताया कि उसने उनके साथ जाने से इनकार कर दिया था और ऐसा कदम न उठाने की सलाह भी दी थी. पुलिस अब इस दावे की सच्चाई की जांच कर रही है.
चैट और कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
जांच अधिकारियों ने बताया कि तीनों के मोबाइल फोन की चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है.
पॉलीग्राफ टेस्ट पर कोर्ट में रोक
वडगांव कोर्ट ने शुक्रवार को सिया गोयल और चेतन चौधरी को अदालत में पेश किया गया. पुलिस ने दोनों की हिरासत बढ़ाने और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी थी. जांच एजेंसी का कहना था कि मोबाइल में मिले कोड भाषा वाले संदेशों को समझने के लिए आगे पूछताछ जरूरी है. लेकिन बचाव पक्ष के वकील राधिकेश उत्तरवार ने इसका विरोध किया और कहा कि आरोपी की सहमति के बिना पॉलीग्राफ टेस्ट नहीं कराया जा सकता. अदालत ने पुलिस की मांग खारिज करते हुए दोनों आरोपियों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
यह भी पढ़ें – सिया-चेतन केस में कोर्ट का आदेशः पुलिस रिमांड में नहीं, जाएंगे जेल
मकसद अब भी रहस्य
पुलिस अभी तक हत्या के असली मकसद की जांच कर रही है. शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि सिया शादी नहीं करना चाहती थी. उधर, कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि केतन के विग पहनने को लेकर भी दोनों के बीच विवाद था. हालांकि, पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष सबूतों के आधार पर ही निकाला जाएगा.
