[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National भव्य होगा श्री परशुराम श्री कृष्ण लोक, बोले सीएम डॉ. मोहन यादव, 17.5 करोड़ की लागत से होगा निर्माण

भव्य होगा श्री परशुराम श्री कृष्ण लोक, बोले सीएम डॉ. मोहन यादव, 17.5 करोड़ की लागत से होगा निर्माण

0
भव्य होगा श्री परशुराम श्री कृष्ण लोक, बोले सीएम डॉ. मोहन यादव, 17.5 करोड़ की लागत से होगा निर्माण
श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक

shri parshuram-shri krishna lok: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़े स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि 17 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की लागत से श्री परशुराम- श्री कृष्ण लोक का निर्माण किया जाएगा, जिसे भव्य और दिव्य स्वरूप दिया जाएगा, ताकि इसकी पहचान विश्व स्तर पर स्थापित हो सके. उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोग भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से परिचित होंगे और भगवान परशुराम के जीवन से प्रेरणा प्राप्त करेंगे, साथ ही उन्हें पुण्य की भी प्राप्ति होगी. मुख्यमंत्री 19 अप्रैल को भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव कुटी में आयोजित प्रकटोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना भी की.

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन्म और जन्म के बाद भगवान परशुराम का पूरा जीवन सबसे लिए सदैव आस्था-श्रद्धा-विश्वास-परंपरा-सनातन-संस्कृति के लिए गौरवांवित करने वाला है. सतयुग हो, त्रेतायुग हो, भगवान परशुराम ने हर काल में जन कल्याण किया है. चिरंजीवी भगवान परशुरांम ने हर काल में अन्याय के खिलाफ-अधर्मियों के खिलाफ शस्त्र उठाए. वे शस्त्र और शास्त्र के ज्ञाता थे. भगवान राम का विवाह भी भगवान परशुराम के धनुष के निमित्त हुआ. भगवान परशुराम का जीवन अद्भुत है. उस दौर में माता जानकी भी उस धनुष को इधर से उधर किया करती थीं. यह उस दौर में माताओं-बहनों की शक्ति को दिखाता है.

भगवान परशुराम ने महारथियों को गढ़ा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण के जीवन में भी भगवान परशुराम का उतना ही महत्व है, जितना भगवान राम के काल में. भगवान श्री कृष्ण ने जब महर्षि सांदीपनि के पुत्र को वापस लाने के लिए मालवा से आगे कदम आगे बढ़ाए तो उन्होंने भी भगवान परशुराम द्वारा दिए गए सुदर्शन चक्र को चलाया था. इस तरह भगवान श्री कृष्ण ने पुत्र लौटाकर गुरु दक्षिणा दी थी. सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भगवान परशुराम महागुरू हैं. उन्होंने भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महारथियों को गढ़ने का काम किया. गुरु द्रोणाचार्य ने भगवान परशुराम से दिव्यास्त्रों सहित ब्रह्मास्त्र का भी ज्ञान पाया था.

श्री कृष्ण को मिला भगवान परशुराम का आशीर्वाद

सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह स्थान तो भगवान कृष्ण का पूरा जीवन बदलने वाला है. भगवान ने एक बार प्रसाद स्वरूप भगवान परशुराम का आशीर्वाद पाया तो जीवन के सभी कठिन काल में उसका उपयोग किया. भगवान श्री कृष्ण अगर असंभव को भी संभव कर सके, तो भगवान परशुराम की कृपा से किया, उनके दिए हुए सुदर्शन चक्र से किया. इसके जरिये वे बड़े से बड़े योद्धा से लड़ने में सफल हुए. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने जन कल्याण के लिए लगातार प्रयास किया है. हम सड़क, बांध, पुल, नहर, नदी, सिंचाई के संसाधन, अस्पताल, स्कूलों को निर्माण कर रहे हैं. स्कूलों को हमने सनातन संस्कृति के आधार पर सांदीपनि विद्यालय का नाम दिया है.

धरती माता की धमनियां हैं नदियां

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि यहां साढ़े सात नदियों चंबल-गंभीर-चौरल-अजनार-कारम-धाम्नी-नखेरी-सूमरा का उद्गम भी है. मैं जिला प्रशासन के आग्रह करता हूं कि यहां गंभीर और अजनार नदी को पुनर्जीवित करने की कार्य योजना तैयार करे. गंभीर नदी का प्रवाह क्षेत्र करीब 100 किमी तक है. उन्होंने कहा कि हमारे लिए ये नदियां धरती माता की धमनियों की तरह हैं. इनके प्रवाह से धरती माता का स्वरूप दिखाई देता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दो-दो नदियों को जोड़ने के अभियान चल रहे हैं. केन-बेतवा बुंदेलखंड के लिए, पार्वती-कालीसिंध चंबल योजना मालवा-राजस्थान के लिए चलाई जा रही है. इनके किसानों के लिए पीने का पानी, सिंचाई का पानी, उद्योग के लिए पानी मिलेगा. इनसे बिजली का उत्पादन भी होगा.

परमात्मा माफ नहीं करेगा कांग्रेस को

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने कितनी निर्लज्जता के साथ माताओं-बहनों के अधिकारों पर पानी फेर दिया. उनके नेता निर्लज्जता से हंस रहे थे. बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ता है कि विपक्ष ने देश की आधी आबादी को मिलने जा रहा अधिकार छीन लिया. परमात्मा उनको माफ नहीं करेगा. मैं इस अवसर पर कामना करता हूं कि आज नहीं तो कल हम बहनों को हक दिलवाकर रहेंगे. हमारी सनातन संस्कृति की विशेषता है कि जब तक माता का नाम नहीं लो, तब तक भगवान आशीर्वाद नहीं देते. राधे-राधे बोलते ही कन्हैया आनंद से झूमते हैं. मां सीता का नाम लेते ही भगवान राम अपने आप आशीर्वाद देते हैं. हमारी सरकार ने सारे उत्सव करने का निर्णय लिया. ये जानापाव नहीं आनापाव है. यहां आते रहे आनंद के साथ, भगवान का आशीर्वाद मिलता है. यह पुण्य प्रशस्त्र मार्ग है.

जानें कैसा है प्रस्तावित श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक

प्रस्तावित श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक एक ऐसा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र होगा, जिसे भगवान परशुराम और भगवान कृष्ण के जीवन, दर्शन और संदेश को एक समग्र अनुभव के रूप में प्रस्तुत करने के उद्देश्य से 17.41 करोड़ की लागत से विकसित किया जा रहा है. इसका उद्देश्य इसे एक प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है. इसमें स्थापित होने वाला संग्रहालय पौराणिक महत्व को दर्शाएगा. यह संग्रहालय भगवान परशुराम और भगवान कृष्ण के जीवन और दर्शन पर आधारित है.

इस विचार को विभिन्न अनुभागों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है. इसमें उनके अस्त्र-शस्त्र एवं युद्धकला को दर्शाती हुई शस्त्र दीर्घा, साथ ही उत्पत्ति दीर्घा, स्वरूप दीर्घा, संतुलन दीर्घा एवं ध्यान दीर्घा इस प्रकार कुल 5 दीर्घाओं का निर्माण होगा. प्रांगण में भगवान श्री परशुराम एवं भगवान श्री कृष्ण की कांस्य प्रतिमाएं होंगी. प्रवेश द्वार को पत्थर एवं धातु से 30 फुट ऊंचा बनाया जाएगा. यहां धार्मिक आयोजन के लिए कथा मंच होगा. इसके प्रांगण में 4 गज़ेबो एवं व्यू पॉइंट होंगे. यहां लैंडस्केपिंग, पाथवे और अन्य विकास कार्य होंगे.

Previous article हजारीबाग में सजी शादी की महफिल: JMM जिला अध्यक्ष की बिटिया को आशीर्वाद देने पहुंचीं कल्पना सोरेन
Next article गर्मी में ट्रेन के लिए भटक रहे यात्रियों के लिए खुशखबरी, गोमतीनगर-कोलकाता स्पेशल ट्रेन शुरू, जानिए पूरा शेड्यूल
Avatar Of Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel