Shiv Sena (UBT) News: शिवसेना शिंदे गुट में शामिल होने के तुरंत बाद सचिन अहीर ने महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति (डिप्टी चेयरमैन) पद के लिए अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया. सांसद श्रीकांत शिंदे ने उनके पार्टी में शामिल होने की पुष्टि करते हुए कहा कि अहीर को आधिकारिक तौर पर पार्टी की सदस्यता दिलाई गई और चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया गया है. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उनके इस फैसले को उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है.
कांग्रेस से NCP और फिर शिवसेना तक का सफर
सचिन अहीर ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी. इसके बाद वे एनसीपी में गए और फिर अविभाजित शिवसेना में शामिल हुए. जब आदित्य ठाकरे ने वर्ली सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया था, तब अहीर को उनका करीबी और भरोसेमंद नेता माना जाता था.
उद्धव गुट की मुश्किलें लगातार बढ़ीं
सचिन अहीर का यह कदम ऐसे समय आया है जब शिवसेना (यूबीटी) पहले से ही लगातार झटकों का सामना कर रही है. साल 2022 में पार्टी टूटने के बाद एकनाथ शिंदे अपने साथ बड़ी संख्या में विधायकों को ले गए थे. अभी हाल ही में उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना यूबीटी) के 6 लोकसभा सांसद ( 22 जून 2026) को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना में शामिल हुए है.
क्या और कमजोर होगा उद्धव ठाकरे का कुनबा?
शिवसेना (यूबीटी) में लगातार हो रही टूट-फूट ने उद्धव ठाकरे की राजनीतिक चुनौती और बढ़ा दी है. वहीं, एकनाथ शिंदे इसे अपनी ताकत बढ़ने का संकेत मान रहे हैं. डिप्टी चेयरमैन चुनाव से पहले सचिन अहीर की एंट्री ने महाराष्ट्र की सियासत को फिर से गर्मा दिया है. राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में और बड़े बदलावों का संकेत दे रही है.
