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School Holiday : अचानक 18 अक्टूबर तक क्यों किए गए स्कूल बंद, जानें वजह

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School Holiday : अचानक 18 अक्टूबर तक क्यों किए गए स्कूल बंद, जानें वजह
कर्नाटक में स्कूल बंद (Photo: AI)

School Holiday : कर्नाटक के स्कूलों में अचानक छुट्टी का ऐलान किया गया है. मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने बताया कि 8 से 18 अक्टूबर तक राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में छुट्टी रहेगी. इसका कारण ‘जाति सर्वेक्षण’ नामक सामाजिक और शैक्षिक सर्वेक्षण है, जिसमें शिक्षक काम कर रहे हैं. यह सर्वेक्षण 22 सितंबर को शुरू हुआ था और मंगलवार को खत्म होना था, लेकिन कई जिलों में काम में देरी हो गई. इसलिए मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल ने इसे 10 दिन और बढ़ाने का फैसला किया. इस दौरान स्कूलों में पढ़ाई नहीं होगी ताकि शिक्षक सर्वेक्षण पूरा कर सकें.

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक की

मुख्यमंत्री ने मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक के बाद बताया कि सर्वेक्षण का काम 7 अक्टूबर तक खत्म होना था. कुछ जिलों में यह लगभग पूरा हो गया है, लेकिन कई जिलों में देरी हो रही है. उदाहरण के लिए, कोप्पल जिले में 97 प्रतिशत सर्वेक्षण पूरा हो चुका है, जबकि उडुपी और दक्षिण कन्नड़ में क्रमशः 63 और 60 प्रतिशत ही पूरा हुआ है. पूरे राज्य में सर्वेक्षण हमारी उम्मीद के अनुसार पूरा नहीं हो पाया है.

अब तक केवल 34 प्रतिशत सर्वेक्षण ही पूरा

सिद्धरमैया ने बताया कि बेंगलुरु में अब तक सिर्फ 34 प्रतिशत सर्वेक्षण पूरा हुआ है और इसमें 6,700 शिक्षक काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कर्नाटक प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय शिक्षक संघ और कांग्रेस विधान पार्षद पुत्तन्ना ने सर्वेक्षण पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी. शिक्षक संघ ने कहा कि उन्हें यह काम पूरा करने में कम से कम 10 दिन लगेंगे. इसके बाद शिक्षा विभाग ने कर्नाटक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग से सलाह लेकर स्कूलों में छुट्टियों का आदेश जारी किया.

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जानबूझकर सर्वेक्षण में हिस्सा न लेने वाले शिक्षक पर होगी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने बताया कि सर्वेक्षण में 1.6 लाख लोग शामिल हैं, जिनमें 1.2 लाख शिक्षक और 40,000 सरकारी कर्मचारी हैं. यह केवल आठ कार्यदिवस में पूरा होगा और 18 अक्टूबर को समाप्त होगा. मध्यावधि परीक्षाओं में शामिल शिक्षक इस सर्वेक्षण से मुक्त रहेंगे. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सर्वेक्षण के दौरान जान गंवाने वाले तीन कर्मचारियों को 20 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि जानबूझकर सर्वेक्षण में हिस्सा न लेने वाले शिक्षक और कर्मचारी अनुशासनात्मक कार्रवाई के पात्र होंगे.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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