[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National सैनिक स्कूल से सेना प्रमुख तक: जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भावुक विदाई में कहा- सेना की ताकत उसके जवान

सैनिक स्कूल से सेना प्रमुख तक: जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भावुक विदाई में कहा- सेना की ताकत उसके जवान

0
सैनिक स्कूल से सेना प्रमुख तक: जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भावुक विदाई में कहा- सेना की ताकत उसके जवान
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ( स्रोत - एएनआई न्यूज एजेंसी )

General Upendra Dwivedi : सेना प्रमुख पद छोड़ने से पहले जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद आयोजित विदाई समारोह में उन्होंने अपने चार दशक लंबे सैन्य जीवन को याद किया. एएनआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है.

सेना की ताकत किसी एक व्यक्ति से नहीं’

जनरल द्विवेदी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय सेना की असली ताकत किसी एक अधिकारी में नहीं, बल्कि जवानों, कमांडरों, पूर्व सैनिकों, परिवारों और देशवासियों के विश्वास में है. उन्होंने उन सभी सैनिकों को नमन किया जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया. उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल से लेकर सेना प्रमुख बनने तक का सफर उनके लिए अविस्मरणीय रहा है.

सीमाओं पर सतर्कता और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र

जनरल द्विवेदी ने कहा कि पिछले दो वर्षों में भारतीय सेना ने हर मोर्चे पर तैयारी, संतुलन और सतर्कता बनाए रखी. उत्तरी सीमाओं पर ‘ऑपरेशन स्नो लेपर्ड’ के तहत मजबूत तैनाती रही, जबकि पश्चिमी मोर्चे पर सेना ने संयम और गंभीरता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं. उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को इसका प्रमुख उदाहरण बताया.

तीनों सेनाओं में बढ़ा तालमेल

जनरल उपेंद्र द्विवेदी कि भविष्य का युद्ध संयुक्त और थिएटर आधारित होगा, इसलिए सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है. उन्होंने तीनों सेनाओं को संदेश दिया, “साथ देखें, साथ निर्णय लें और साथ में कार्रवाई करें.”

जनरल धीरज सेठ को सौंपी जिम्मेदारी

जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने विदाई के अंत में सेना प्रमुख की कमान जनरल धीरज सेठ को सौंपते हुए कहा कि जनरल सेठ एक अनुभवी और सक्षम नेतृत्वकर्ता हैं. उन्होंने कहा कि जनरल सेठ के नेतृत्व में भारतीय सेना नई ऊंचाइयों को छुएगी और अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाएगी.

यह भी पढ़ें- राम मंदिर चंदा विवादः पूर्व वक्फ बोर्ड चेयरमैन बोले- चंपत राय को नहीं देना चाहिए था इस्तीफा

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel