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Video: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा- पड़ोसी हमेशा देते हैं टेंशन

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Video: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा- पड़ोसी हमेशा देते हैं टेंशन

S Jaishankar: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पड़ोसी देशों को लेकर ऐसी बात कही है जो चर्चा का विषय बन चुकी है. दरअसल, राजधानी दिल्ली में एक किताब के विमोचन के मौके पर उन्होंने कहा कि पड़ोसी हमेशा समस्या बने रहते हैं. दुनिया के किसी भी देश को देखें तो पड़ोसी उनके लिए समस्या बने हुए हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि पड़ोसियों के साथ संबंधों को बनाना काफी मुश्किल होता है.

पूरी दुनिया में देखना चाहिए क्या हो रहा है: जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मौके पर खासकर पाकिस्तान का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पाक के साथ बातचीत का दौर खत्म हो चुका है. पाकिस्तान के हर सकारात्मक और नकारात्मक कदम पर जवाब तो दिया जाएगा लेकिन उसी की भाषा में. उन्होंने कहा कि लोग कई बार कहते हैं कि बांग्लादेश में क्या हो रहा है ? मालदीव में क्या हो रहा है ? उनसे मैं कहना चाहता हूं कि उन्हें पूरी दुनिया में देखना चाहिए. ऐसे कौन से देश हैं, जिनकी अपने पड़ोसी मुल्कों के साथ बनती है. पड़ोसियों का जो नेचर और रिश्ता हमेशा एक जैसा नहीं रहता है.

बांग्लादेश को लेकर क्या बोले जयशंकर

जयशंकर ने भारत के साथ पाकिस्तान के बिगड़ते संबंध के लिए इमरान खान की सरकार को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि समस्या ये है कि 2019 के बाद इमरान खान सरकार ने ऐसे कदम उठाए जिनसे दोनों मुल्कों के रिश्ते और खराब हो गए. भारत ने कुछ नहीं किया. बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति को लेकर विदेश मंत्री ने कहा कि बांग्लादेश के साथ हमारे संबंध उसकी स्थापना के समय से ही उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं.

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि सामाजिक स्तर पर, लोगों के बीच संबंध मजबूत हैं. आज अपनी अफगान नीति की समीक्षा करने के बाद हम अपने हितों के बारे में बहुत स्पष्ट हैं. हमें यह समझना चाहिए कि अमेरिका की उपस्थिति वाला अफगानिस्तान, अमेरिका की उपस्थिति के बिना वाले अफगानिस्तान से बहुत अलग है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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