[tdb_header_weather inline="yes" temp_color="#000000" loc_color="#000000" api="653566bd56b7ecfee45d74c0fc937fc1" float_right="yes" align_horiz="content-horiz-center" icon_size="24" icon_space="10" f_temp_font_family="420" f_temp_font_size="14" f_temp_font_weight="500" f_unit_font_size="14" f_loc_font_size="14" f_unit_font_family="882" location="Ranchi" icon_color="#000000"]
[tdb_header_categories align_horiz="content-horiz-left" el_align_horiz="content-horiz-left" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLXJpZ2h0IjoiNSIsImhlaWdodCI6IjQwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9fQ==" icon_size="18" limit="18" elem_text_color="#2d2800" f_elem_font_family="420" f_elem_font_size="16px" f_elem_font_weight="500" tdicon="tdc-font-fa tdc-font-fa-navicon-reorder-bars" inline="yes" shadow_shadow_size="0" shadow_shadow_offset_vertical="0" shadow_shadow_spread="0" bg_color="#f9f9f9" include="1028, 1081, 1446, 1228, 3706, 2624,1071"][tdb_mobile_horiz_menu inline="yes" menu_id="372" tdc_css="eyJwaG9uZSI6eyJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBob25lX21heF93aWR0aCI6NzY3LCJhbGwiOnsiYm9yZGVyLXN0eWxlIjoibm9uZSIsImRpc3BsYXkiOiIifX0=" f_elem_font_size="18px" f_elem_font_weight="eyJhbGwiOiI3MDAiLCJwaG9uZSI6IiJ9" f_elem_font_family="420" text_color_h="#f58220" main_sub_icon_size="13"]
Home National Republic Day 2026: इंडियन आर्मी के सबसे खास दोस्तों वाली टुकड़ी, गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार लिया हिस्सा

Republic Day 2026: इंडियन आर्मी के सबसे खास दोस्तों वाली टुकड़ी, गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार लिया हिस्सा

0
Republic Day 2026: इंडियन आर्मी के सबसे खास दोस्तों वाली टुकड़ी, गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार लिया हिस्सा
परेड की तैयारी के दौरान इंडियन आर्मी की पशु टुकड़ी. फोटो- ANI

Republic Day 2026 Parade: 77वें गणतंत्र दिवस परेड में भारत की फौजी ताकत के साथ-साथ जानवरों की अहम भूमिका भी खास तौर पर दिखाई दी. इस परेड में पशु आधारित लॉजिस्टिक्स और प्राकृतिक रक्षा तंत्र पर खास जोर दिया गया. भारतीय सेना ने उन जानवरों की भूमिका दिखाई, जो देश के सबसे कठिन इलाकों में सैनिकों का साथ देते हैं. सेना ने दिखाया कि कैसे ऊंचे पहाड़ों और मुश्किल इलाकों में सेना किस तरह जानवरों पर निर्भर रहती है. जानवर कितने मजबूत और मौसम को अडॉप्ट करने में माहिर हैं. पहली बार भारतीय सेना की रिमाउंट एंड वेटरनरी कॉर्प्स (RVC) की एक खास पशु टुकड़ी कर्तव्य पथ पर मार्च करती नजर आई. इन जानवरों को ‘साइलेंट वॉरियर्स’ कहा जाता है, क्योंकि ये उन जगहों पर काम करते हैं जहाँ मशीनें भी कई बार जवाब दे देती हैं.

रिपब्लिक डे 2026 की इस परेड में इस टुकड़ी में दो बैक्ट्रियन ऊंट, चार जांस्कर पोनी, चार ब्लैक काइट पक्षी (रैप्टर) और भारतीय नस्ल के दस आर्मी डॉग शामिल थे. भारतीय नस्ल के कुत्तों में मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पिपराई, कोंबाई और राजापालयम नस्लें शामिल हैं. इनके अलावा पहले से ड्यूटी पर तैनात छह और प्रशिक्षित सैन्य कुत्ते भी परेड का शामिल थे. 

इन पशु टुकड़ी के साथ हिम योद्धा भी दिखाई दिए. ये जवान बुलेटप्रूफ जैकेट, कैमरे, जीपीएस, रेडियो और मॉडर्न सर्विलांस इक्विपमेंट से लैस नजर आए. इनके साथ एक ग्लेशियर एटीवी वाहन भी दिखाया गया, जो बर्फीले इलाकों में काम आता है. यह पूरी पशु टुकड़ी खास तौर पर लद्दाख और सियाचिन जैसे ऊँचे और कठिन इलाकों में जानवरों की जरूरत और योगदान को दर्शाएगी.

77वीं गणतंत्र दिवस परेड इस बार कई मायनों में खास रहा. इसमें देश की संस्कृति, सेना की ताकत और नई तकनीक सबकी झलक देखने को मिली. कुछ नई झलकियाँ भी पहली बार नजर आईं, जैसे भैरव लाइट कमांडो बटालियन और RVC की पशु टुकड़ी. साथ ही ऑपरेशन सिंदूर के बाद तीनों सेनाओं के मिलकर काम करने की ताकत भी प्रदर्शित की गई.

कर्तव्य पथ पर इस बार कुल 30 झांकियाँ निकलीं. ये ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ थीम पर आधारित होंगी. 17 झांकियाँ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की थीं, जैसे असम की टेराकोटा कला, मणिपुर की खेती में प्रगति और हिमाचल प्रदेश की देवभूमि पहचान. वहीं 13 झांकियाँ मंत्रालयों और सेवाओं की ओर से. भारतीय वायुसेना की ओर से पूर्व सैनिकों को समर्पित एक खास झांकी भी शामिल थी.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर होने वाले इस बड़े समारोह की अगुवाई की. परेड से पहले दिल्ली में, खासकर कर्तव्य पथ और रायसीना हिल इलाके में, सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. परेड में सेना की युद्ध तैयारियों की झलक, बख्तरबंद गाड़ियाँ, मार्च करती टुकड़ियाँ, सैन्य बैंड और ‘ऑपरेशन सिंदूर: विक्ट्री थ्रू जॉइंटनेस’ नाम की ट्राई-सर्विसेज की झांकी भी दिखाई गई.

इस बार के मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन थे. परेड के बाद 26 से 31 जनवरी तक लाल किले में ‘भारत पर्व’ लगेगा. यहां अलग-अलग राज्यों का खाना, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कई जनभागीदारी वाले आयोजन होंगे. 26 जनवरी का मुख्य कार्यक्रम राष्ट्रगान के साथ खत्म हुआ, लेकिन गणतंत्र दिवस से जुड़े समारोहों का आखिरी बड़ा आयोजन 28 जनवरी को करियप्पा परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री की NCC रैली के साथ होगा.

ये भी पढ़ें:- गणतंत्र दिवस से पहले मणिपुर में सुरक्षा बलों का ताबड़तोड़ ऑपरेशन; हथियार-IED बरामद, उगाही करने वाले गिरफ्तार

ये भी पढ़ें:- यूपी में SIR: सपा सांसद डिंपल यादव ने मैनपुरी DM को लिखी चिट्ठी, SIR नोटिस में देरी पर आपत्ति जताई

Previous article Republic Day Special 5 Lunch Ideas: रिपब्लिक डे पर क्या बनाएं? ट्राई करें ये 5 आसान और टेस्टी लंच आइडियाज
Next article Republic Day 2026 : ‘सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण हेतु संकल्पित हों, योगी आदित्यनाथ का आह्वान
Avatar Of Anant Narayan Shukla
अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में उनका मुख्य फोकस राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर है. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं. अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं. अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है. इसके साथ ही वह कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं. उत्तर प्रदेश की कालीन नगरी- भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं. तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.
ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel