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PSLV-C62 : तीसरे चरण में अड़चन, पीएसएलवी-सी62 रॉकेट उड़ान के रास्ते से भटका

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PSLV-C62 : तीसरे चरण में अड़चन, पीएसएलवी-सी62 रॉकेट उड़ान के रास्ते से भटका
PSLV-C62 रॉकेट

PSLV-C62 : भारत ने सोमवार को साल 2026 का अपना पहला अंतरिक्ष मिशन लॉन्च किया. 260 टन वजनी पीएसएलवी-डीएल रॉकेट सुबह 10 बजकर 18 मिनट पर आकाश की ओर उड़ा. पहले दो चरणों और उनके अलग होने तक रॉकेट ने पूरी तरह सामान्य रूप से काम किया, जिसे देशभर के लोगों ने उत्साह के साथ देखा लेकिन बाद में अंतरिक्ष मिशन को बड़ा झटका लगने की खबर आई. इसरो का पीएसएलवी-सी62 मिशन असफल हो गया. 12 जनवरी 2026 को श्रीहरिकोटा से शानदार लॉन्च के बावजूद रॉकेट में तकनीकी गड़बड़ी आ गई.

तीसरे चरण के शुरू होते ही मिशन कंट्रोल से संपर्क टूट गया. टेलीमेट्री डेटा न मिलने से साफ हो गया कि उपग्रहों को कक्षा में पहुंचाने में मिशन असफल रहा, जैसा कि पिछले साल पीएसएलवी-सी61 मिशन में हुआ था. साल 2025 के मई में PSLV-C61 के मिशन में EOS-09 अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट को लेकर गया था. इसमें तीसरे चरण में समस्या आई और रॉकेट अपने निर्धारित कक्ष तक नहीं पहुंच सका.

इसरो के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने क्या दी जानकारी

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए इसरो के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने कहा कि पीएसएलवी-सी62 EOS-N1 मिशन का प्रयास किया गया था. पीएसएलवी चार चरणों वाला रॉकेट है. पहला और तीसरा चरण ठोस ईंधन पर, जबकि दूसरा और चौथा चरण तरल ईंधन पर काम करता है. तीसरे चरण तक रॉकेट का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक रहा, लेकिन तीसरे चरण के अंत में रॉकेट में कुछ गड़बड़ी आई, जिससे उसकी उड़ान की दिशा में बदलाव हो गया. इसी कारण मिशन तय योजना के अनुसार आगे नहीं बढ़ सका. फिलहाल सभी ग्राउंड स्टेशनों से मिले डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी दी जाएगी.

इसरो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि पीएसएलवी-सी62 मिशन में तीसरे चरण के अंत के समय तकनीकी गड़बड़ी आ गई. इस वजह से मिशन प्रभावित हुआ. यह इस साल का पहला प्रक्षेपण था, जो इसरो की वाणिज्यिक इकाई न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड को मिले एक कॉन्ट्रेक्ट के तहत किया गया था.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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