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Home National 3…2…1…0 काउंटडाउन खत्म होते ही इतिहास रचेगा इसरो, अंतरिक्ष में स्थापित होंगे 14 सैटेलाइट

3…2…1…0 काउंटडाउन खत्म होते ही इतिहास रचेगा इसरो, अंतरिक्ष में स्थापित होंगे 14 सैटेलाइट

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3…2…1…0 काउंटडाउन खत्म होते ही इतिहास रचेगा इसरो, अंतरिक्ष में स्थापित होंगे 14 सैटेलाइट
इतिहास रचेगा इसरो, फोटो- इसरो

PSLV C 62 Mission: अंतरिक्ष में भारत लगातार अपने पैर पसार रहा है. कल यानी सोमवार (12 जनवरी) को भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) साल 2026 का पहली लॉन्चिंग करने के लिए तैयार है. पीएसएलवी-C62 मिशन के लिए पूरी तरह तैयार है. उल्टी गिनती जारी है. काउंटडाउन जैसे ही खत्म होगी पीएसएलवी-सी 62 अंतरिक्ष में इतिहास रचने के लिए उड़ान शुरू कर देगा. इसरो नए साल के पहले मिशन के जरिये धरती के अवलोकन वाले उपग्रह के साथ-साथ 14 अन्य उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया जाएगा. इससे पहले इसरो पीएसएलवी रॉकेट सी 62 मिशन के प्रक्षेपण के लिए रविवार को साढ़े बाईस घंटे की उल्टी गिनती शुरू की.

PSLV का 64वां प्रक्षेपण

12 जनवरी 2026 को भारत इस साल का अपना पहला प्रक्षेपण करने जा रहा है. यह प्रक्षेपण यान दुनिया के सबसे विश्वसनीय यानों में से एक है, क्योंकि पीएसएलवी ने चंद्रयान-1, मंगलयान, आदित्य-एल1 और अन्य जैसे अंतरिक्ष यानों का भी सफल प्रक्षेपण किया है. जवाहरलाल नेहरू तारामंडल के निदेशक बीआर गुरुप्रसाद ने रविवार को बताया कि गुरुप्रसाद ने बताया कि यह पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल का 64वां प्रक्षेपण होगा. यह धरती की सतह से कम से कम सौ किलोमीटर ऊपर जाकर अन्वेषा ईओएस-एन1 नाम के निगरानी उपग्रह को स्थापित करेगा. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि पीएसएलवी-सी 62 मिशन का प्रक्षेपण 12 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजकर 17 मिनट SDSC SHAR श्रीहरिकोटा के प्रथम प्रक्षेपण पैड से उड़ान भरेगा.

अन्वेषा सैटेलाइट की खासियत?

  • यह सैटेलाइट अंतरिक्ष से भारत की निगरानी और सुरक्षा को काफी मजबूती मिलेगी.
  • अन्वेषा दुश्मन के ठिकानों की सटीक तस्वीरें लेने और मानचित्र तैयार करने की क्षमता से लैस है.
  • EOS-N1 की आंखों से दुश्मन की गतिविधियां नहीं छिप पाएगी.
  • यह दुश्मनों के छुपे ठिकानों, संदिग्ध हलचलों में पूरी तरह अंतर करने में सक्षम है.
  • जंगल, पहाड़ और रेत में भी यह दुश्मनों की हलचल की पहचान कर सकता है.
  • खेत की मिट्टी सूखी है उसके अंदर नमी है इसका भी यह पता लगा सकता है.
Pslv C 62 Mission
Isro pslv c62 mission, photo @isro

साढ़े 22 घंटे की गिनती के बाद रॉकेट भरेगा उड़ान

इसरो ने रविवार को बताया कि 260 टन के भार वाले पीएसएलवी-सी 62 रॉकेट का प्रक्षेपण सोमवार को सुबह 10.17 बजे के किया जाएगा. इसरो ने बताया कि इसकी उल्टी गिनती रविवार दोपहर 12.48 बजे शुरू हुई. कुल 22 घंटे 30 मिनट की उल्टी गिनती के बाद प्रक्षेपित किया जाएगा है. पीएसएलवी-सी 62/ईओएस-एन1 मिशन सबसे पहले थाईलैंड और ब्रिटेन में बने  निगरानी उपग्रह को कक्षा में स्थापित करेगा. लॉन्च के करीब 17 मिनट बाद बकी सभी 13 सैटेलाइट को यह उनकी तय कक्षा में स्थापित करेगा. पूरे मिशन की अवधि दो घंटे से अधिक होगी.

चौथे चरण में स्थापित करेगा KID कैप्सूल

रॉकेट अपने चौथे चरण के अलग होने और स्पेनिश स्टार्टअप से संबंधित करीब 25 किलोग्राम वजनी केस्ट्रेल इनिशियल टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर (KID) कैप्सूल स्थापित होगा. इसरो के मुताबिक वैज्ञानिक रॉकेट के चौथे चरण को फिर से प्रणोदित करेंगे. इसरो ने बताया कि पीएस4 चरण और केआईडी कैप्सूल दोनों पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करेंगे और दक्षिण प्रशांत महासागर में उतरेंगे.

24 सितंबर को इसरो ने ISRO ने लॉन्च किया था बाहुबली रॉकेट LVM3

इससे पहले 24 दिसंबर को इसरो ने अपने बाहुबली रॉकेट LVM3 से अमेरिका का अगली पीढ़ी का कम्युनिकेशन सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्च किया था. ISRO ने अमेरिका के एएसटी स्पेसमोबाइल के लिए ब्लू बर्ड ब्लॉक-2 संचार उपग्रह का सफल प्रक्षेपण किया था. उपग्रह को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित कर दिया गया था. मिशन पूरी तरह सफल रहा था. 

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
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